परिवार नियोजन पखवाड़ा : परिवार नियोजन संबंधित सभी सुविधाएं लाभार्थी को मुहैया करायी जाएगी / रिपोर्ट नसीम रब्बानी
परिवार नियोजन पखवाड़ा : परिवार नियोजन संबंधित सभी सुविधाएं लाभार्थी को मुहैया करायी जाएगी / रिपोर्ट नसीम रब्बानी
-मिशन परिवार विकास अभियान के सफल संचालन को लेकर अनुमंडलीय अस्पताल में हुई बैठक
– 26 सितम्बर तक चलेगा परिवार नियोजन पखवाड़ा: डॉ राजीव कुमार
– केयर इंडिया ने किया प्रशिक्षण में सहयोग
मोतिहारी, 14 सितम्बर। जिले के अनुमंडलीय अस्पताल पकडी़दयाल में जनसंख्या स्थिरता के लिए परिवार नियोजन पखवाड़ा की शुरुआत की गई है। इस अवसर पर परिवार नियोजन मेला भी लगाया गया है। परिवार नियोजन कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजीव कुमार वर्मा के द्वारा किया गया । जिसमें उपस्थित लोगों को बताया गया कि यह पखवाड़ा 26 सितम्बर तक चलेगा, जिसमें परिवार नियोजन संबंधित सभी सुविधाएं लाभार्थी को मुहैया करायी जाएगी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि 13 से 26 सितम्बर तक परिवार नियोजन पखवाड़ा का आयोजन होना सुनिश्चित है। इसके लिए सभी को निर्देश दिया गया कि पखवाड़ा के पहले ही लाभ लेने के लिए इच्छुक दंपत्तियों का सर्वे कर लाइन लिस्ट तैयार कर ली जाए, एवं उनका लगातार फॉलोअप किया जाए। जिससे अधिक-से-अधिक संख्या में लाभ दिया जा सके।
आशा, आशा फैसिलिटेटरों को कोमल दीदी एप की दी जानकारी:
केयर इंडिया की जिला प्रतिनिधि सुरैया खान एवं उनकी टीम द्वारा आशा फैसिलिटेटरों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को कोमल दीदी बोट लिंक के बारे में बताया गया। जिसमें सभी आशा को अपने क्षेत्र से इच्छुक लाभार्थी का प्री – रजिस्ट्रेशन करने के उपरांत अस्पताल लाकर उन्हें सुविधा मुहैया कराना है। सभी से कोमल दीदी बोट लिंक के बारे में चर्चा की गयी जिसमें परिवार नियोजन से संबंधित बहुत सी जानकारियां हैं। जिसे लाभार्थी उपयोग कर आसानी से परिवार नियोजन संबंधित अपनी जानकारी को बढ़ा सकते हैं।
पीपीटी के माध्यम से दी गई जानकारी:
प्रखंड समुदायक उत्प्रेरक अनिल कुमार मण्डल द्वारा सभी उपस्थित डॉक्टर, नर्स एवं सहभागी स्वास्थ्य कर्मियों को पीपीटी के माध्यम से पूर्व एवं वर्तमान में प्रखंड में परिवार नियोजन के स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। सभी को निर्देश दिया गया कि पखवाड़ा के पहले ही लाभ लेने के लिए इच्छुक दंपत्तियों का सर्वे कर लाइन लिस्ट तैयार कर ली जाए एवं उनका लगातार फॉलोअप किया जाए, जिससे अधिक-से-अधिक संख्या में लाभ दिया जा सके। मौके पर डॉ राजीव कुमार ने बताया कि बढ़ रही जनसंख्या का मुख्य कारण महिलाओं व परिवारों में अशिक्षा व परिवार नियोजन की जानकारी की कमी है। इस समस्या का एक मात्र निदान है जागरूकता।
परिवार नियोजन के बारे में जागरूकता जरूरी :
परिवार नियोजन का अर्थ है यह तय करना कि आपके कितने बच्चे हों और कब हों। अगर आप बच्चे पैदा करने के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करना चाहते हैं तो अनेक उपलब्ध साधनों में से कोई एक साधन चुन सकते हैं। इन्हीं साधनों को परिवार नियोजन के साधन, बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखने के साधन या गर्भ निरोधक साधन कहते हैं। गर्भधारण, प्रसव, तथा असुरक्षित गर्भपात की समस्याओं के कारण महिलाए मृत्यु की शिकार हो जाती हैं। इनमें अनेकों मौतों को परिवार नियोजन के द्वारा रोका जा सकता है ।
परिवार नियोजन गर्भधारण के खतरों की रोकथाम कर सकता है :
केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक सतीश कुमार सिंह ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों की प्रसव के दौरान मृत्यु की संभावना रहती है। क्योंकि उनका शरीर पूरी तरह से विकसित नहीं होता है। उनको पैदा हुए बच्चों का भी पहले वर्ष में ही मृत्यु हो जाने की आशंका अधिक रहती है। गर्भधारण से अधिक आयु की महिलाओं को ज्यादा खतरा रहता है क्योंकि उन्हें प्राय: अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी होती हैं । बैठक में उपाधीक्षक डॉ राजीव कुमार कुमार, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रेखा कुमारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक अवनीश कुमार, प्रखण्ड प्रबंधक केयर सतीश कुमार सिंह, बीसीएम अनिल कुमार मंडल, लेखापाल अतुल कुमार श्रीवास्तव, आशिक हुसैन, जीविका प्रतिनिधि, जेडएलपीपी फैसिलिटेटर ऋचिका कुमारी, सबिता कुमारी, परिवार नियोजन सलाहकार संजु कुमारी , जीएनएम, आशा फैसिलिटेटर ,आशा तथा अन्य लाभार्थी उपस्थित रहे।
