निगाहे वली में वो तासीर देखी, बदलती हज़ारों की दक़दिर देखी- सुफी नाज़ीर क़ादरी ।
निगाहे वली में वो तासीर देखी बदलती हज़ारों की दक़दिर देखी, सुफी नाज़ीर क़ादरी ।
मुज़फ़्फ़रपुर : 5 नवम्बर को बरियारपुर शरीफ थाना सकरा जिला मुजफ्फरपुर में हज़रत अब्दुस्सत्तार शाह चिशती उर्फ जलाली बाबा का सालाना उर्स कोरोना गाइडलाइंस को पालन करते हुए मनाया जा रहा है वहीं मजार शरीफ के ख़ादिम सुफी नाज़ीर क़ादरी नें बताया की जलाली बाबा का दरबार हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल है जहां हर धर्म के लोग आते हैं चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगते हैं और पुरी होने पर बाबा के दरबार में पहुंच कर फुल चढ़ाकर फातेहा करते हैं,वहीं बाबा के पुत्र हैदर अली क़ादरी नें बताया कि यहां पर काफी बड़ा जलसा जो रात भर का आयोजन किया जाता था कलकत्ता बंगाल इलाहाबाद तक से उल्मा आते थे और सभी धर्मों के लोग बाबा की चादर को पुरे क्षेत्र में घुमाया करते थे । लेकिन इस बार कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए सिर्फ दिन में मज़ार शरीफ पर चादरपोशी तथा रात में मिलाद का ही आयोजन किया गया है जिसमें मुफ्ती अली रज़ा मिस्बाही महुआ वैशाली, क़ारी जावेद अख़्तर फैज़ी,जौहर वैशालवी, मौलाना गुलाम गौस मुजफ्फरपुर, हाफ़िज़ कुर्बान और भी क्षेत्र के लोग उपस्थित रहेंगे बाबा के सेवकों ने सभी लोगों को मज़ार शरिफ पर आने की दावत दी
