परिवार नियोजन के साधनों के इस्तेमाल में जिले में 21.8 प्रतिशत की हुई वृद्धि / रिपोर्ट नसीम रब्बानी
परिवार नियोजन के साधनों के इस्तेमाल में जिले में 21.8 प्रतिशत की हुई वृद्धि / रिपोर्ट नसीम रब्बानी
– संस्थागत प्रसव के प्रतिशत में भी हुआ है इजाफा
– आधुनिक तरीकों में भी लगभग दुगुने की बढ़ोतरी
वैशाली, 14 दिसंबर ।

पिछले पांच वर्षों में वैशाली में परिवार नियोजन के आंकड़ों में बहुत ज्यादा वृद्धि देखने को मिल रही है। जिससे जाहिर है कि जिले के लोगों में परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता वृद्धि के साथ इसे अमल में भी लाने लगे हैं। यह सारे आंकड़े और हकीकत राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 5 बयां कर रही है। जिसमें परिवार नियोजन के किसी भी साधन के इस्तेमाल में पिछले 5 वर्षों के दौरान 21.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एनएफएचएस 4 के आंकड़ों में किसी भी तरह के परिवार नियोजन के साधनों के इस्तेमाल में प्रतिशत जहां 24.0 था वह अब बढ़कर 45.8 हो गया है। वहीं परिवार नियोजन के ही दूसरे आधुनिक साधनों के इस्तेमाल में भी 17.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
संस्थागत प्रसव भी पहले से बेहतर –
एनएफएचएस 5 के अनुसार जिला पहले से संस्थागत प्रसव में भी सुधार कर रहा है। एनएफएचएस 4 के आंकड़ों के अनुसार जिले में जहां संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 78.9 था वह अब बढ़कर 81.6 हो गया है। वहीं सरकारी संस्थाओं के प्रति भी जिले के लोगों ने अपना विश्वास बढ़ाया है। जो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 5 के अनुसार 5 प्रतिशत वृद्धि है।
किए जा रहे प्रयास –
डीसीएम निभा रानी सिन्हा ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन के जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार, दंपत्ति संपंर्क कार्यक्रम, अस्पतालों में परिवार नियोजन के कार्नर, कंडोम बॉक्स जैसी चीजें की गयी हैं। एनएफएचएस 4 के आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा परिवार नियोजन पर लोगों से बातचीत का प्रतिशत जहां 12.5 था वह अब बढ़कर 18.5 हो गया है। पुरुष नसबंदी की दिशा में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। आशा है कि एक दिन पुरुष परिवार नियोजन पर हमारी जागरूकता जरूर सार्थक होगी। धीरे धीरे हमारा प्रयास परिवार नियोजन कार्यक्रम में नित नए अध्याय जोड़ता ही जा रहा है। इस बार 15 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलने वाले परिवार नियोजन पखवाड़े में जिले ने 1531 महिला बंध्याकरण कर अव्वल स्थान प्राप्त किया है।
