पातेपुर की एक आशा फैसिलेटर को निजी नर्सिंगहोम में पार्टनर बनाने का प्रलोभन देकर जालसाज ग्रामीण चिकित्सक ने ढाई लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम वापसी का तकादा करने पर जालसाज ग्रामीण चिकित्सक ने अपने परिजन के साथ आशा फैसिलेटर पर जानलेवा हमला किया। संबंध में पीड़िता ने सीजेएम न्यायालय में परिवाद दायर की है।इस दायर परिवाद में पीड़िता सरिता कुमारी ने कहा है कि वह आशा फैसिलेटर के पद पर कार्य करती है। उससे बलिगांव निवासी पृथ्वी राज करुणानिधि के पुत्र राज रंजन राजू ने मुलाकात की। उससे पहले से उसकी हल्की जान-पहचान थी। राज रंजन खुद को ग्रामीण आयुष चिकित्सक बताया। राज रंजन ने उसे पार्टनरशिप में पातेपुर में नरसिंग होम खोलने का प्रस्ताव दिया। अपना लम्बा सर्किल व जान-पहचान बताकर प्रलोभन दिया कि थोड़ी पूंजी लगाकर बड़ी आमदनी होगी। उसके झांसे में आकर उसने ढाई लाख रुपए उसे दे दिए। कुछ दिनों बाद पातेपुर के गनौर चौक पर कपिलदेव अमीन साहब के मकान में अपने नाम से नर्सिंग होम का बोर्ड तो लगाया पर अस्पताल खुला नहीं। इसके बाद वह मिलने, फोन उठाने से भी कन्नी काटने लगा। थक-हार कर पंचायत बुलाया गया। पंचों के फैसले से राशि की वापसी तीन किस्तों में करने की उसने हामी भरी। पहली किस्त की तिथि पर ही वह रुपए देने से मुकर गया। उसके बार-बार तकादा करने पर बीते 15 दिसम्बर को आरोपी राज रंजन, उसकी पत्नी श्वेता सिन्हा, राज रंजन का पुत्र शुभांशु राज व सास एवं ससुर ने बहुआरा से वकाढ़ जाने वाले मार्ग में उसे कार से घेरकर तलवार से उस पर वार किया। हमले में उसका सिर फट गया था। पातेपुर पीएचसी में उसका इलाज हुआ। थाना मैनेज होने के कारण पुलिस ने न तो उसका फर्द बयान लिया और न प्राथमिकी ही दर्ज की। बाध्य होकर न्यायालय का उसे सहारा लेना पड़ा।