पूजनोत्सव को लेकर चकदादन गांव में लोगों को सीट चढ़कर बोल रही भक्ति पूजन में भाग लेने के लिए दूरदराज से पहुंचे भारी संख्या में श्रद्धालु महुआ। नवनीत कुमारक महुआ का चकदादन में बाबा कारिख पूजनोत्सव के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ के कारण पूजन स्थल अस्त-व्यस्त बना रहा। यहां भगतजी, यजमान और श्रद्धालु गांव के पोखर पर पहुंचकर वरुण देवता की आराधना की और वहां से जल लेकर बाबा के गहबर पहुंचे। यहां बाबा कारिख का पूजन विधि विधान के साथ की गई। पूजन में श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की उन्नति, समाज की खुशहाली और अन्न-धन की बढ़ोतरी के लिए मन्नत मांगे। इस बीच मृदंग की थाप पर पारंपरिक गीत गूंजते रहे। भगत जी और मृदंग वादक द्वारा बाबा कारिख के गीतों से देव स्थल को भक्ति में डुबो दिया गया। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे हैं और उनका श्रमदान हो रहा है। यहां बाबा के दरबार में ना कोई बड़ा और ना कोई छोटा दिख रहा है। हर व्यक्ति श्रमदान कर रहा है। कोई बाबा के प्रसाद बनाने में लगा है तो कोई साफ सफाई में। कोई श्रद्धालुओं की सेवा शुरू श्रृशुषा कर रहा है तो कोई व्यवस्था संभालने में लगा है। यहां यजमान सत्येंद्र राय ने बताया कि पांच दिवसीय पूजन उत्सव के चौथे दिन बाबा कारिख का विधिवत पूजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं की टोली बाबा के दरबार में आंचल फैला कर बैठे और उनसे प्रार्थना कर सुख समृद्धि के साथ समाज और राष्ट्र की खुशहाली मांगी। उन्होंने बताया कि सामाजिक सहयोग से यह पूजन हो रहा है। बाबा को पूजन करने से मनचाहा फल प्राप्त होता है। बताया कि बाबा के दरबार में जो भी श्रद्धालु सच्चे ह्रदय से माथा टेकता है। उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। मंगलवार को बजरंगबली की पूजन के साथ पांच दिवसीय बाबा कारिख पूजनोत्सव संपन्न होगा। यहां हर घर में सगे संबंधी पहुंचे हैं और पूजन में भाग ले रहे हैं।