अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ” बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ महिलाओं की भूमिका ” पर सेमिनार का आयोजन
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ” बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ महिलाओं की भूमिका ” पर सेमिनार का आयोजन ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार । पातेपुर (वैशाली) जागो बिहार संस्थान, प्यारेपुर ,पातेपुर के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय था “बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ महिलाओं की भूमिका” । सेमिनार की अध्यक्षता पूनम कुमारी ने करते हुए विषय प्रवेश कराया और कहा कि आज भी 21वीं सदी में हम पुरानी विचारधाराओं को लेकर चल रहे हैं, जिसके चलते समाज में फैली कुरीतियां आज भी सर उठा कर हमें मजबूर कर रही है ।बाल विवाह से हमारे समाज की छोटी उम्र की कन्याओं के हाथ पीले कर देने से वह कितने बड़े नुकसान में पहुंच जाती है, जिसका अनुमान लोगों को बाद में पता चलता है। वही दहेज के कारण पढ़ी-लिखी सुंदर कन्याओं का विवाह बेमेल होता है ,जिससे उनका जीवन कष्ट में गुजरता है। आज देखा जा रहा है स्त्रियों के खिलाफ स्त्रियां हैं । चाहे सास के रूप में हो या फिर ननंद, भौजाई ,देवरानी जेठानी किसी भी रूप में महिला का दुश्मन महिला ही बनी हुई है। आखिर कब तक चलेगा, ऐसा एक तरफ पुरुष प्रधान देश होने कारण आज के वर्तमान परिवेश में महिलाओं को जो सम्मान मिलना चाहिए, उससे वह आज भी कोसों दूर है । हां कुछ क्षेत्रों में महिलाएं आगे बढ़ चढ़कर भाग ले रही हैं ।पंचायती राज संस्थाओं में 50% महिलाओं के लिए आरक्षित की गई ।हमारी महिलाएं विभिन्न पदों पर चुनकर तो जरूर आई लेकिन पुरुष प्रधान होने कारण उनका जो स्थान मिलना चाहिए आज भी उस गरिमा से वंचित है ।आज महिलाएं जीविका समूह बनाकर स्वयं भी स्वावलंबी बनती जा रही हैं ,जो कि सुखद समाचार देखने को मिल रहा है ।महिलाओं को एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए परिवार ,समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान करना चाहिए । सेमिनार में अपने विचार रखने वालों में चांदनी कुमारी, नूतन कुमारी सिंह, सीमा देवी ,अनु कुमारी ,नीतू देवी ,रिंकी कुमारी, रश्मि प्रिया सहित अन्य वक्ता थी। कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के आह्वान के साथ संस्थान के सचिव चंद किशोर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ सेमिनार की समाप्ति की घोषणा की।
