फाइलेरिया की दवा खाने से कथित बीमारों को इलाज के बाद भेजा गया घर
फाइलेरिया की दवा खाने से कथित बीमारों को इलाज के बाद भेजा गया घर
महुआ नवनीत कुमार
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर घर-घर खिलाए जा रहे दवा से एक ही बस्ती के 8 लोग बीमार हो गए। सभी बीमारों को महुआ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमारों को मिचली, उल्टी, सिर में चक्कर, दर्द, कमजोरी का अहसास, घबराना आदि के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि कथित रूप से बीमार सभी को अस्पताल से इलाज के बाद घर भेज दिया गय। बीमारों में 06 महिलाएं हैं।
महुआ प्रखंड की पहाड़पुर पंचायत के गरजौल पहाड़पुर दलित बस्ती मैं दवा खाने से 8 लोग बीमार पड़ गए थे। इस बस्ती के शिव प्रसाद पासवान की पत्नी 30 वर्षीया छोटी देवी, शिवजी पासवान की पत्नी 35 वर्षीया रंगीता देवी, उमेश पासवान की पत्नी 45 वर्षीया फुलकुमारी देवी, सुरेश पासवान की पत्नी 40 वर्षीया सुनीता देवी, पति पत्नी 45 वर्षीय हरिश्चंद्र पासवान व 40 वर्षीया निर्मला देवी, राजू पासवान की पत्नी 65 वर्षीया सरस्वती देवी तथा 65 वर्षीय शिवजी पासवान को फाइलेरिया की दवा खाने के बाद उल्टी, जी मिचलाना, सिर दर्द और चक्कर आना आदि शुरू हो गए। जिससे उन्हें महुआ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां अस्पताल में बीमारों ने बताया कि वह लोग एक ही बस्ती के हैं और बीते गुरुवार को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए दवा खाए थे। उन्हें आठ टैबलेट एक साथ खिलाई गई थी। टेबलेट खाते ही कुछ देर के बाद सिर में चक्कर, मिचली, उल्टी आदि शुरू हो गए। सभी बीमारों को अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी बीमार खतरे से बाहर हैं। बीमारों को इलाज करें डॉ विजय कुमार ने भी बताया कि थोड़ी परेशानी आई थी। इलाज के बाद सभी ठीक हैं।
कहते हैं अस्पताल प्रभारी:
दवा खाने से मिचली, उल्टी जैसी किसी किसी को थोड़ी परेशानी आती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। फाइलेरिया की दवा खाने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। खाली पेट में दवा खाने से भी इस तरह की बात आती है। बीमारों का इलाज किया गया और वे सभी बिल्कुल ठीक-ठाक हैं। फाइलेरिया की दवा सभी लोगों को खाने चाहिए ताकि इस रोग का उन्मूलन हो सके।
डॉ कमलेश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, महुआ
