कुत्ता काटने से युवक की हालत बिगड़ी और हो गई मौत,
युवक का शव गांव आते ही मचा कोहराम
कुत्ता काटने से युवक की हालत बिगड़ी और हो गई मौत, महुआ के ताजपुर बुजुर्ग पंचायत अंतर्गत माधोपुर का रहने वाला था युवक, मृतक की अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भारी भीड़
3 महीने पहले युवक को काटा था कुत्ता जिससे हालत बिगड़ी और हो गई मौत
महुआ। नवनीत कुमार
केरल से युवक का शव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
मृतक 32 वर्षीय लक्ष्मण कुमार राय महुआ थाना अंतर्गत ताजपुर बुजुर्ग पंचायत के माधोपुर निवासी गणेश राय का पुत्र था और वह केरल में रहकर एक कंपनी का क्रेन चलाता था। शव एंबुलेंस से जैसे ही घर लाया गया, परिजनों में कोहराम मच गई। यह खबर गांव और आसपास के लोगों में आग की तरह फैली और मृतक के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बताया जाता है कि युवक लक्ष्मण को 3 महीने पूर्व एक लावारिस कुत्ते ने काट लिया था। हालांकि कुत्ते काटने के बाद वह अनदेखी करते हुए कोई दवा या सुई नहीं ली। बाद में स्थिति बिगड़ी और लोग उसे केरल के ही एक अस्पताल में ले गए जहां उसने दम तोड़ दिया। लोगों ने बताया कि लाख कोशिश के बावजूद डॉक्टर युवक को नहीं बचा पाया।
माता पिता का एकलौता समांथा मृतक:
मृतक लक्ष्मण अपने माता-पिता का इकलौता समांग था और उसी की कमाई से घर परिवार चलता था। घर में वृद्ध माता कौशल्या देवी और पिता गणेश राय कुछ कर नहीं पा रहे हैं। पत्नी अभिलाषा देवी गांव के ही आंगनवाड़ी केंद्र पर सहायिका कि काम करती है। युवक के दो पुत्र आदित्य व सुजीत और दो पुत्री आरती और पूजा छोटे-छोटे हैं। इन सभी के परवरिश लक्ष्मण के ही माथे था। युवक की मौत से परिजन टूट गए हैं। अब घर परिवार कैसे चलेगा। बच्चों का लालन-पालन और वृद्ध माता-पिता को कौन देखेगा। पत्नी तो विक्षिप्त सी हो गई है।
मिलनसार और कमाऊ था लक्ष्मण:
मृतक लक्ष्मण कमाऊ और मिलनसार था। लोगों का कहना है कि लक्ष्मण गरीबी के आलम में भी हमेशा मुस्कुराते रहता था। उसे देखकर उन लोगों का चेहरा भी खिल जाता था घर परिवार की हालत अध्यक्ष वाह केरल में रहकर एक कंपनी का क्रेन चला रहा था और उस दिन की कमाई से पूरा परिवार चलता था। लक्ष्मण की मौत से परिजन टूट गए हैं। अब कौन होगा परिजनों का सहारा। हर व्यक्ति के सामने यह सोच बनी है। रहने के लिए ना एक घर और ना कोई व्यवस्था। इस मनहूस खबर को सुनकर मृतक की तीनो बहने शांति, शोभा और उषा ससुराल से पहुंची और भाई के शव पर सिर पटक विलाप करने लगी। उसकी विलाप से सभी का कलेजा दहल जा रहा था। इधर शव पहुंचने पर पंचायत के सभी प्रतिनिधि, गांव और आसपास के लोग, सगे संबंधी पहुंचे और मृतक को अंतिम दर्शन कर नम आंखों से विदा किया।
