शिक्षा का अर्थ है व्यक्तित्व का विकास: डॉ रवि सिन्हा । रिपोर्ट सुधीर मालाकार हाजीपुर (वैशाली )जिले के बिदुपुर प्रखंड अंतर्गत ऐतिहासिक चेचर ग्राम में इंद्रप्रस्थ स्कूल ऑफ साइंस के वार्षिकोत्सव को संबोधित करते हुए जिले के प्रतिष्ठित महाविद्यालय आर एन कॉलेज के प्राचार्य डॉ रवि कुमार सिन्हा ने कहा की आज के भौतिकवादी युग में जहां लोग कल कारखानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, मानव निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण रूप से शून्य की तरफ बढ़ रही है, वैसे परिस्थिति में सुदूर ग्राम में निजी विद्यालय की स्थापना कर ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने का जो प्रयास किया गया है, इसके लिए विद्यालय परिवार धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने मंगल कामना करते हुए कहा यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक नामचीन विद्यालय के रूप में जाना जाएगा । उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा शिक्षा का अर्थ है यह नहीं कि आप बड़े ओहदे पर चले जाएं, जिस व्यक्ति में व्यक्तित्व का विकास नहीं हुआ उसका शिक्षा सफल नहीं कहा जा सकता है । जीवन में शिक्षा का सबसे बड़ा महत्व है ।उसमें मानव बनने की प्रक्रिया पूर्ण होती है। बच्चों द्वारा लगाए गए साइंस प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए डॉ सिन्हा ने कहा कि जिस प्रकार की प्रदूषण, जल जमाव की स्थिति है जो बच्चों द्वारा अपने विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है ,निश्चित तौर पर काबिले तारीफ है। आज समाज में अभिभावक ,शिक्षक ,विद्यार्थी को अपने-अपने जिम्मेवारी को समझना होगा ,तभी जाकर हम समाज को सही दिशा निर्देश कर सकते हैं। विद्यालय के संस्थापक निदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि मेरा यह उद्देश्य है कि गांव के बच्चों को शहर में होने वाली शिक्षा व्यवस्था गांव स्तर पर ही व्यवस्थित करना, ताकि कम खर्च में ही गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पुरा हो सके। मेरा उद्देश्य धन अर्जन नहीं है, ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखारना है, जिससे वे योग्य नागरिक बनकर देश व समाज की सेवा कर सके ।इस मौके पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चे द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई। समारोह में अरविंद कुमार, चंद्र देव सिंह, अजय कुमार, रितेश कुमार, पंकज कुमार, मनीष कुमार, रुचि भट्ट ,पवन कुमार, कुलदीप कुमार, संजय कुमार, मनोरंजन कुमार, हर्षिका, विवेक, सोनी ,सुरुचि, सुभाष ,ऋतु सहित हजारों लोग उपस्थित थे।