डोर टू डोर जाकर चमकी पर किया जा रहा जागरूक – चमकी के पोस्टर भी किये जा रहे चस्पा – प्रथम चरण में जिले के 263 पंचायतों को 263
डोर टू डोर जाकर चमकी पर किया जा रहा जागरूक
– चमकी के पोस्टर भी किये जा रहे चस्पा
– प्रथम चरण में जिले के 263 पंचायतों को 263 अधिकारियों/ कर्मियों द्वारा अडॉप्ट किया गया है
मुजफ्फरपुर, 7 अप्रैल।
जिले में संभावित एईएस/चमकी बुखार को लेकर गांव टोला और वार्ड स्तर पर बुधवार को सघन जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
वरीय पदाधिकारियों के निर्देश के आलोक में आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका ,आशा कार्यकर्ता, आशा फैसिलिटेटर एवं जीविका दीदियों द्वारा दलित- महादलित बस्तियों मे डोर टू डोर भ्रमण करते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
” क्या करें क्या नहीं करें” के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। पंपलेट वितरण करने के साथ उसे पढ़ कर के भी सुनाया जा रहा है। पंपलेट/ पोस्टर को दीवारों पर जगह-जगह चस्पा भी किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी सेविका के द्वारा कमजोर बच्चों की लगातार लाइन लिस्टिंग करते हुए उन पर फोकस करते हुए सतत निगरानी की जा रही है।
पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी इस कार्य में सहयोग लिया जा रहा है। पंचायत स्तर पर लगातार बैठक कर आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं आशा कार्यकर्ता और जीविका दीदियों को निर्देशित करते हुए सघन जागरूकता कार्यक्रम चलाने हेतु उन्हें प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।
इसके साथ ही प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों द्वारा पी एच सी और सीएचसी का औचक निरीक्षण भी करते हुए उक्त केंद्रों पर आधारभूत संरचना और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा भी लिया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा लगातार वरीय अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है।
मालूम हो कि प्रथम चरण में जिले के 263 पंचायतों को 263 अधिकारियों/ कर्मियों द्वारा गोद लिया गया है।
उक्त सभी पंचायतों में प्रत्येक शनिवार को जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में सभी पदाधिकारी अपने गोद लिए हुए पंचायतों में पहुंचते हैं। वहां बैठक करने के साथ उन सबों के द्वारा दलित बस्तियों में डोर टू डोर भ्रमण करते हुए आम लोगो को जागरूक किया जाता है।
उक्त 263 पंचायतों में सर्वाधिक प्रभावित पांच प्रखंडों यथा- कांटी, मीनापुर, मोतीपुर, बोचहां और मुसहरी के सभी पंचायत शामिल हैं।
