महुआ में 173 पुरुष तो 202 महिलाओं ने किया मताधिकार का प्रयोग,
महुआ में 173 पुरुष तो 202 महिलाओं ने किया मताधिकार का प्रयोग, कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद बूथ पर वोट डालने के लिए कतार में खड़ी रही महिलाएं
महुआ, नवनीत कुमार
महुआ में स्थानीय निकाय चुनाव के मतदान सोमवार को शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। यहां मतदान में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। यहां कुल 377 वोटरों में 375 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें 173 पुरुष दो 202 महिला ने वोट डाले।
प्रखंड कार्यालय पर सुबह 8:00 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। हालांकि सुबह से लेकर 10:00 बजे तक मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा। इक्का-दुक्का ही वोटर आय। जबकि 10:00 बजे के बाद वोटरों का जुटना शुरू हो गया और उनकी लंबी कतार लग गई। मतदान को शांतिपूर्ण कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल के अलावा स्टैटिक्स मजिस्ट्रेट की व्यवस्था की गई थी। मौके पर एसडीओ संदीप कुमार, अपर एसडीओ वंदना सिन्हा, डीएसपी पूनम केसरी आदि पहुंचकर मतदान का जायजा लिया और उन्होंने मतदान कर्मियों को कई निर्देश दिए। पदाधिकारियों ने धारा 144 का हवाला देते हुए मतदान के आसपास खड़े लोगों को हटाया। चुनाव को लेकर गहमागहमी भी बनी रही। इस गहमागहमी के बीच वोटरों ने प्रेम और अपनत्व का परिचय देते हुए भाईचारे के बीच मताधिकार का प्रयोग किया। प्रखंड कार्यालय पर पुरुषों की अपेक्षा महिला वोटरों की संख्या अधिक थी और उनकी लंबी कतार धूप और गर्मी के बावजूद लगी थी।
विधायक डॉ मुकेश रोशन भी पहुंचे:
महुआ में वोट डालने के लिए स्थानीय विधायक डॉ मुकेश रौशन भी पहुंचे। उनके साथ काफी संख्या में कार्यकर्ता भी थे। हालांकि वे मतदान कक्ष के पास अकेले ही गय। बाद में उन्होंने मीडिया के समक्ष पार्टी के उम्मीदवार सुबोध राय को जीत का दावा किया। साथ ही पार्टी के नेता बालेंद्र दास ने भी विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर राजद उम्मीदवार को जीत सुनिश्चित बताया इधर जिला पार्षद मनीष शुक्ला भी एनडीए उम्मीदवार भूषण राय के साथ प्रखंड कार्यालय पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित बताया।
चुनाव के लिए समूह में निकले वोटर:
निकाय चुनाव में वोट डालने के लिए वोटर समूह में ही निकले। वोटरों के समूह यहां पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। ऐसा उन्हें अज्ञातवास पर ले जाने के कारण हुआ। जानकार लोगों का कहना है कि वोटरों को पहले ही नजरबंद कर लिया गया था। उन्हें मतदान स्थल पर ही सीधे लाकर वोटिंग कराया गया। इस कारण वे यहां वे समूह में ही आए।
