नहाए खाए के साथ-साथ छठ शुरू
नहाए खाए के साथ-साथ छठ शुरू
महुआ, नवनीत कुमार
सूर्योपासना और लोक आस्था का महापर्व चैती छठ का नहाए खाए मंगलवार को होगा। पर्व को लेकर गांव और नगर में भक्ति परवान पर है। चारों ओर छठी माई के गीत गूंज रहे हैं। व्रतियों में भक्ति प्रमाण चढी है। चार दिवसीय महापर्व शुरुआत के पूर्व संध्या पर सोमवार को व्रतियों द्वारा नहाए खाए की तैयारी की गई।
यह पर्व नियम पूर्वक किया जाता है। व्रतियां पूजन सामग्री को अन्य किसी से छूने या स्पर्श करने से अलग रखनी है। यह पर्व आस्था का प्रतीक है। महापर्व पर व्रतियों द्वारा स्वच्छता का विशेष पालन किया जाता हैं। यहां तक की सामग्री को बच्चों के पहुंच से दूर रखती हैं ताकि उसे वह जूठन न कर दे। यह पर्व हमें स्वच्छता की ओर इशारा करती है। पर्व में सारे मौसमी फलों के अलावा खेतों में उगाए गए अनाज छठी माई को अर्पित किया जाता है। नहाए खाए पर व्रतियां हाजीपुर नारायणी में स्नान करने जाने के लिए मन बनाई है। व्रतियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह हाजीपुर नारायणी नदी में पवित्र स्नान कर पर्व का पहला अनुष्ठान शुरू करेंगी।
ताल तलैया में अर्ध्यदान के लिए पानी होने से व्रतियों में खुशी:
इस बार ताल-तलैया, नदी जलाशयों में पानी रहने के कारण व्रतियों में खुशी और उमंग है। व्रतियां अपने जलाशयों के घाट पर पर्व का अर्ध्यदान संपन्न करेंगी। महुआ से गुजरने वाली वाया नदी, हुसैनीपुर के करैेला मन झील के अलावा गावो के पोखर, तालाब, पइन आदि में इस बार पानी है। जहां व्रतियां शाम और सुबह का अर्ध्य संपन्न करेंगी। व्रतियों को अर्धदान के लिए श्रद्धालुओं और घर के लोगों द्वारा घाटों की साफ-सफाई की जा रही है। पर्व को लेकर लोग एक-एक सामग्री की खरीदारी करने में लगे हैं। यह पर्व सभी घरों में नहीं होता है। हालांकि अधिकतर परिवार एक दूसरे से यह पर्व का अनुष्ठान कराते हैं।
