दिलीप प्रसाद गुप्ता बीजेपी नेता ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी पर लगाया जालसाजी का आरोप।
महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड कंपनी के द्वारा ऋण के नाम पर कस्टमर के साथ किया जा रहा है जालसाजी।
दिलीप प्रसाद गुप्ता बीजेपी नेता ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी पर लगाया जालसाजी का आरोप।
दिलीप प्रसाद गुप्ता न्याय को लेकर दर-दर भटकने को है मजबूर
ऋण और फाइनेंस करने के बाद कस्टमर के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज किया जाता है ऐसा ही एक मामला पटना के कंकड़बाग इलाके का है पटना के कंकड़बाग थाना अंतर्गत महिंद्रा फाइनेंस स्टेट बैंक के पास मौजूद थे
जब कस्टमर ऋण और फाइनेंस कराने आते है तो उनको इज्जत मान सम्मान दिया जाता है लेकिन ऐसा नही है।
पटना सनोवर खान की रिपोर्ट
पटना:इन दिनों पटना के कंकड़बाग महिंद्र फाइनेंस का मामला प्रकाश में आया है जो दिलीप कुमार गुप्ता महिंद्रा फाइनेंस के कस्टमर थे उनके साथ कंकड़बाग शाखा महिंद्र फाइनेंस के ब्रांच मैनेजर रंजन जी के द्वारा अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज किया गया यह मामला प्रकाश में जब आया के दिलीप कुमार गुप्ता ने अपना हिसाब किताब करने के लिए कंपनी में जाकर अपना ब्योरा मांगा तो शाखा प्रबंधक के द्वारा गाली-गलौज कर कर धक्का मार कर निकाल दिया गया महिंद्रा फाइनेंस के नाम पर जालसाजी एवं लूट का मामला प्रकाश में प्रतीत होता है जबकि दूसरी ओर महिंद्र फाइनेंस कहती है कि महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की सहायक कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एम एम एफ एस एल) एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एन बी एफ सी) है, जो मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध शहरी बाजारों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी को 1 99 1 में मैक्सी मोटर्स फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रूप में निगमित किया गया था, और 1 99 2 में इसे इसका वर्तमान नाम प्राप्त हुआ। 1 99 3 में, इसने महिंद्रा एंड महिंद्रा के यूटिलिटी वाहनों के लिए लोन देने की शुरुआत की। 2002 में, इसने महिंद्रा एंड महिंद्रा से भिन्न वाहनों के लिए भी लोन देना शुरू कर दिया। बाद में 2005 में, एम एम एफ एस एल ने महिंद्रा इंश्योरेंस ब्रोकर्स लिमिटेड (एम आई बी एल) को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में शामिल करके इंश्योरेंस ब्रोकिंग व्यवसाय में प्रवेश किया। 2006 और 2007 में कंपनी ने बाजार में अपना आईपीओ लेकर उतारा। आरबीआई ने इसे ‘एसेट फायनांसकंपनी –डिपॉजिट टेकिंग’ के रूप में वर्गीकृत किया। एम एम एफ एस एल ने अपनी सहायक कंपनी महिंद्रा रूरल हाउसिंग फायनांसलिमिटेड के माध्यम से 2008 में गृह लोन के कारोबार में प्रवेश किया। कंपनी ने 2010 में वाणिज्यिक वाहनों और निर्माण उपकरणों के लिए लोन देना शुरू किया।
३३,००० कर्मचारियों के साथ महिंद्रा फाइनेंस भारत के हर राज्य में मौजूद हैं और उसके ८५% ज़िलों में अपनी छाप छोड़ी हैं| उनका 138० कार्यालयों का नेटवर्क हैं जहाँ वें 3,8०,००० से अधिक गांवों में ग्राहकों को सेवा प्रदान करते हैं – यानि देश के हर दो गांवों में से एक गाँव को! उनकी प्रबंधन ते तहत परिसंपत्तियों का मूल्य रु. 81,5०० करोड़ से अधिक हैं|
कंपनी की इंश्योरेंस ब्रोकिंग सहायक कंपनी, महिंद्रा इंश्योरेंस ब्रोकर्स लिमिटेड (एम आई बी एल), एक लाइसेंस प्राप्त कंपोजीट ब्रोकर है जो डायरेक्ट और रीइंश्योरेंस ब्रोकिंग सेवाएं प्रदान करती है।
महिंद्रा फायनांसकी सहायक कंपनी, महिंद्रा रुरल हाउसिंग फायनांसलिमिटेड (एम आर एच एफ एल) देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को घर खरीदने, जीर्णोद्धार कराने, निर्माण करने के लिए लोन प्रदान करती है। लेकिन ऐसा नहीं है महिंद्रा फाइनेंस का द्वारा नॉन तो कर दिया जाता है लेकिन कस्टमर को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
