स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी अनशन करेगी – प्रदेश अध्यक्ष ।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी अनशन करेगी – प्रदेश अध्यक्ष । रिपोर्ट सुधीर मालाकर।
हाजीपुर( वैशाली) आज जहां पूरे देश स्वतंत्रता के 75 में अमृत महोत्सव मना रही है, वही वैशाली जिला के स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी 28 अप्रैल 022 को गांधी आश्रम में अनशन करेगी । जिस परिवार के लोग आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ न्वछावर कर दिया ।जेल गए, यातना सहे,शहीद हुए ।न जाने कितने तरह के कष्ट करके देश को आजादी दिलाई और आजादी के बाद देश ,राज्य, समाज उसी परिवार को भूल गया ।आज उसकी चिंता न सरकार कर रही है न समाज ।आने वाली पीढ़ी को यह भी पता नहीं चलेगा , इस परिवार से कोई स्वतंत्रा सेनानी थे, जो आजादी की लड़ाई में लड़े थे। इससे हास्यास्पद स्थिति क्या हो सकती है ?
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र वैशाली कलेक्ट्रेट में जमा है लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है, जिसके कारण जो सुविधा मिलनी चाहिए उससे सैकड़ों परिवार वंचित हो रहे हैं ।आखिर स्वतंत्रता सेनानी परिवार जाए तो जाए कहां जाए? इस संबंध में एक सप्ताह पूर्व जिला समाहर्ता वैशाली एवं एसपी से मिलकर अपनी फरियाद किया था लेकिन उसका भी कोई असर आज तक नहीं देखने को मिला। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार विवश होकर अनशन पर बैठने को मजबूर है । प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार सिंह ने कहा अगर इससे भी हमारी मांग पर विचार नहीं किया जाएगा तो विवश होकर आमरण अनशन करेंगे और जब तक जान रहेगा इस लड़ाई को लड़ते रहेंगे। हमारी प्रमुख मांगों में लंबित स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना, स्वतंत्रता सेनानी परिवार को राष्ट्रीय परिवार घोषित किया जाना, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी के लिए गांधी आश्रम में कार्यालय आवंटन किया जाना एवं अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाना, राष्ट्रीय एवं सरकारी कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी को भी बुलाया जाना, स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर उसके गांव के सड़कों का नामकरण करने जैसी प्रमुख मांगों पर विचार किया जाना चाहिए।जिससे आने वाले पीढ़ी को पता चल सके कि मेरे यहां भी स्वतंत्रता सेनानी थे ।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी को भी सरकार के द्वारा पेंशन दिया जाए। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार को बिना शुद्ध का ऋण दिया जाए ताकि वह अपना स्वरोजगार शुरू कर सके। सरकार एवं समाज को अपने स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके उत्तराधिकारीयों के प्रति श्रद्धा व सम्मान है ,तो उनकी मांगों को मानते हुए उन्हें सम्मान देना चाहिए।
