गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी सूत्रों के अनुसार पांच से सात सालों से जमे हुए है। और कर रहे है अपना मनमाना कार्य।
स्वास्थ विभाग का खेल।
गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी सूत्रों के अनुसार पांच से सात सालों से जमे हुए है। और कर रहे है अपना मनमाना कार्य।
ससमय नही आना तथा अपना मनमाना कार्य को पूरा करना इनका पुराना आदत सी हो गई है।
सनोवर खान ब्यूरो रिपोर्ट के साथ राजा कुमार पूट्टू की रिपोर्ट।
पटना सिटी :गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी बीते लगभग पांच से सात सालों से पदस्थ है। और कर रहे है अपना मनमाना कार्य।अवैध रूपीए के भी मांग की जाती है। सूत्रों से यहाँ तक ज्ञात हुआ है कि अगर अस्पताल के कोई कर्मचारी सेवानिवृत्ति हो जाते हैं तो उनकी फाइल बढ़ाने
के एवज में अवैध रुपए की मांग गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी के द्वारा किया जाता है यहाँ तक कि मान लिया जाए के अगर अस्पताल के कोई भी कर्मी यह कोई डॉक्टर का कार्य हो इसके लिए भी अवैध रुपीए की मांग की जाती है। यहां तक अगर कोई भी कर्मचारी अपने अवकाश से संबंधित आबेदन लेकर उसके पास जाते है तो वह पैसे की मांग करता है। सौ से दो सौ रुपया भी ले लिया जाता है। पैसे नही देने पर मिठाई मि मांग की जाती है। क्या बिना आला अधिकारी के मर्जी से अफसरों से सेटिंग कर अंगद के पैर की तरह सालों से जमे हैं एक ही जगह पर लाल बाबु सोनी। वरिष्ठ अफसरों के आदेशों को भी दरकिनार कर देते हैं अधिकारी। वैसे तो बिहार प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा अपने कारनामों की वजह से हमेशा ही सुर्खियों में बना रहता है लेकिन अब तो हद ही हो गई। दरअसल इस बार सुर्खियां बनने की वजह गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल कुमार सोनी कर्मचारियों और अधिकारियों की अपने वरिष्ठ अफसरों से सैटिंग है। बता दें कि स्वास्थ्य महकमे की मुखिया द्वारा आदेश जारी किया गया था कि सरकारी कामकाज को पारदर्शिता और निष्पक्षता से संचालित करने के लिए एक ही जगह पर तीन वर्षों से ज्यादा समय से पदस्थ कर्मचारियों को मौजूदा पदस्थापना से हटाकर अन्यत्र पदस्थ किया जाए। हालांकि इस आदेश के बावजूद गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी बीते लगभग पांच से सात सालों से पदस्थ है। और कर रहे है अपना मनमाना कार्य। सूत्रों की माने तो कई सालों से एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण इन अधिकारी, कर्मचारियों के वरिष्ठ अफसरों से संबंध बन जाते हैं। जिनसे ये सेटिंग कर लेते हैं और अन्यत्र कहीं भी जाने की बजाय वहीं जमे रहते हैं। यही वजह है कि विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पनपती रहती है।
ऐसी कई शिकायतों का खुलासा हुआ है कि लाल बाबु सोनी के द्वारा अवैध रूपीए के भी मांग की जाती है। सूत्रों से यहाँ तक ज्ञात हुआ है कि अगर अस्पताल के कोई कर्मचारी सेवानिवृत्ति हो जाते हैं तो उनकी फाइल बढ़ाने के एवज में अवैध रुपए की मांग गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड कलर लाल बाबू सोनी के द्वारा अवैध रुपीए की मांग की जाती है।यह कोई नया कारनामा नही है। नीचे से ऊपर के अधिकारियो की मिली भगत होती है। इस लिए ज्यादा समय से लंबे समय तक मिली भगत का कार्य करने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस लिया इनपर उच्च अधिकारियों के द्वारा नजर अंदाज कर दिया जाता है। यह मौजूदा कर्मचारियों की है। तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पर पदस्थापना वाले कर्मचारियों को अधिक सालों से एक ही जगह पर ऐसे जमे हुए हैं कि कोई इनका तबादला कर ही नहीं सकता।
