कलश यात्रा को लेकर क्षेत्र में भक्ति और आस्था प्रमाण पर, जलभरी में शामिल होने के लिए महिलाओं और युवतियों में दिखा भारी उत्साह
माथे पर गंगा जल से भरा कलश लेकर 8 किलोमीटर का किया नगर भ्रमण, कलश यात्रा को लेकर क्षेत्र में भक्ति और आस्था प्रमाण पर, जलभरी में शामिल होने के लिए महिलाओं और युवतियों में दिखा भारी उत्साह
महुआ, नवनीत कुमार
महुआ के सिंघाड़ा नरसिंह धाम पर नौ दिवसीय महाविष्णु यज्ञ को लेकर रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में एक 1151 कलशधारी महिलाएं और लड़कियां शामिल हुई जो 8 किलोमीटर का नगर भ्रमण किया। कलश यात्रा के जरिए श्रद्धालु महिलाओं ने लोगों में आपसी प्रेम, एकता, अपनत्व, सहिष्णुता और भाईचारा का संदेश दिया।
कलश यात्रा यज्ञ स्थल से निकलकर 04 किलोमीटर की दूरी तय कर गोविंदपुर दुर्गा स्थान शक्तिपीठ पहुंची। वहां देवी मंदिर का परिक्रमा कर कदम चौक होते हुए जंदाहा कुशहर सड़क से होकर पुनः 04 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यज्ञ स्थल पहुंची। जहां कलश को स्थापित किया गया। कलश यात्रियों की सेवा में लोग जगह-जगह लगे थे। तेज धूप और तपती सड़क पर भी उनके उत्साह कम नहीं हो रहे थे। वह देवी देवताओं के जयघोष करते हुए चल रहे थे। उनके साथ बैंड, आर्केस्ट्रा ट्रॉली, घोड़े आदि भी चल रहे थे। लाउडस्पीकर से भक्ति गीत बजाए जा रहे थे। जिसके सहारे श्रद्धालु कलशधारी महिलाएं पूरी उत्साह वर्धन होकर चल रही थी। कलशधारी महिलाओं के साथ काफी संख्या में युवा, बच्चे, साधु-संत, लोजपा रा के प्रदेश संगठन मंत्री संजय सिंह, इसी दल के प्रदेश महासचिव हर्षवर्धन सिंह उर्फ फूड्डू, अजीत कुमार सिंह, इंद्रजीत कुमार, यज्ञ कमेटी के विज्ञान स्वरूप सिंह, रमैया सिंह, संत कामेश्वर सिंह आदि के साथ काफी संख्या में ग्रामीण और पास पड़ोस के लोग भी जयघोष करते हुए चल रहे थे। यात्रा को लेकर आस्था और भक्ति लोगों के सिर चढ़कर बोल रही थी।
यज्ञ में रासलीला के साथ श्रद्धालु कर सकेंगे प्रवचन का रसपान:
महाविष्णु यज्ञ में श्रद्धालु वृंदावन की रासलीला के साथ प्रवचन का रसपान कर सकेंगे। यहां दूरदराज के श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। उनके रहने सहने के लिए भी जगह बनाए गए हैं। यज्ञ में विभिन्न देवी-देवताओं की बनी 51 मूर्तियां श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। यहां श्रद्धालु माता की गुफा का भी दर्शन करेंगे। इसके अलावा मेला भी लगा है। मेले में झूला, सर्कस, जादूगर, खेल तमाशे भी आए हैं। यज्ञ में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। यज्ञ को लेकर महिलाओं में भक्ति और उत्साह चरम पर है। सोमवार को यज्ञ में अग्नि की उत्पत्ति की जाएगी और विधिवत मंडप परिक्रमा शुरू हो जाएगा।
