आंधी से तबाही बूंदाबांदी से मौसम खुशगवार
आंधी से तबाही बूंदाबांदी से मौसम खुशगवार
महुआ, नवनीत कुमार
गुरुवार की शाम मौसम का मिजाज बदला और चक्रवाती तूफान के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। हालांकि तूफान का रफ्तार कम देर तक रहने के कारण आंशिक क्षति हुई। यहां कई जगह पर पेड़ गिर गए। झोपड़ी और एस्बेस्टस के कई मकान भी उड़ गए। इधर इस बूंदाबांदी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली है। शाम में मौसम खुशगवार हो गया।
इस तूफान से सबसे ज्यादा दिक्कत बिजली को हुई। तूफान के कारण कई जगह पर बिजली के तार टूट गए। जिससे अंधेरा कायम हो गया। यहां कई जगह पर पीपल, बरगद, पाकड़ के पेड़ उलट गए। कन्हौली में पीपल के पेड़ उलट जाने से पुराना घर को क्षति पहुंची है। हालांकि इसमें कोई जान माल की क्षति नहीं हुई। इधर कई गांवों में छोटे-छोटे झोपड़ियां उड़ गए। बाजार में दुकानदारों द्वारा शो मे लगाए गए समान आंधी से तितर-बितर हो गए। सबसे ज्यादा परेशानी कपड़ा दुकानदारों को हुई। यहां महुआ सहित विभिन्न बाजारों में आंधी के कारण दुकानदारों द्वारा शो में लगाए गए कपड़े इधर उधर उड़ गए। इधर हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली है। एक सप्ताह से भारी गर्मी से परेशान लोग चल रहे थे। लोगों ने बताया कि जिस तरह आकाश में काले घने बादल छाए थे। ऐसा लगा कि तेज बारिश होगी। लेकिन चक्रवाती तूफान के कारण बारिश नहीं हो पाई। किसानो का कहना है कि इस समय की बारिश गरमा फसल को फायदा पहुंचाएगी। आम लीची को भी बारिश से फायदा होगा। हालांकि एक और किसानों का यह भी कहना है कि ज्यैष्ठ महीना को तपना उनके लिए लाभदायक होता है। इस महीने में तेज धूप होने से खेतों के विषैले कीड़े मर जाते हैं। उनका यह भी कहना है कि ज्येष्ठ तपे तो आषाढ लमें। यानी ज्येष्ठ तपने से आगे बारिश की संभावना बनती है।
