April 17, 2026

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 डॉ. मनोज कुमार टीबी उन्मूलन के प्रयासों की पहुंच दूर-दराज तक पहुंचाने में लगे हैं

टीबी मुक्त सीतामढ़ी की कवायद जारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने संभाली कमान     

 डॉ. मनोज कुमार टीबी उन्मूलन के प्रयासों की पहुंच दूर-दराज तक पहुंचाने में लगे हैं।        रिपोर्ट: नसीम रब्बानी

सीतामढ़ी,13 जून।
वर्ष 2025 तक देश को पूर्णत: टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसको लेकर जिले में लगातार कवायद जारी है। विभिन्न स्तरों पर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। इसकी कमान खुद जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार संभाले हुए हैं। डॉ. मनोज कुमार टीबी उन्मूलन के प्रयासों की पहुंच दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने में लगे हैं। डॉ. कुमार ने कहा कि जिले में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को मजबूती देने के लिये गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। इसे लेकर लगातार जागरूकता संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र में जो भी टीबी के मरीज मिले हैं, उनकी सूची पर्यवेक्षकों को उपलब्ध करायी गयी है। ताकि इन मरीजों का समुचित ध्यान रखा जा सके।

जन सहभागिता बहुत जरूरी-

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि टीबी को मात देना मुश्किल नहीं है। बस नियम से दवाएं लेते रहने की जरूरत है। इस जानकारी को देने के लिए वे हर दिन क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं। क्षेत्र भ्रमण कर वे टीबी मरीजों के दवा सेवन, उनके खानपान, रहने व सोने के तरीकों, मास्क के उपयोग समेत अन्य दिनचर्या की जानकारी दे रहे हैं। वे मरीजों को नियमित रूप से दवा का सेवन करने की सलाह देते हैं। साथ ही, उनके परिजनों को भी तीन माह तक खाने वाली आइसोनियाजिड दवा के प्रति जागरूक कर रहे।
उन्होंने कहा कि टीबी के प्रसार को रोकने के लिए जन सहभागिता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त सीतामढ़ी के लिए जिलेवासियों का सहयोग मील का पत्थर साबित होगा।

टीबी की विश्वसनीय जांच व इलाज की सुविधा-

डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जिले में टीबी की विश्वसनीय जांच व सम्पूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए जैसे ही आपको टीबी के लक्षण दिखे, न घबराएं व लजाएं। सीधे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाएं और डॉक्टर से सलाह व मुफ्त में दवा लेकर इसका सेवन शुरू कर दें। अधिक से अधिक लोग टीबी के लक्षणों के बारे में जानें और अपने आसपास रहने वाले लोगों में यदि इनमें में से कोई लक्षण दिखे तो जांच के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को बेहतर खान-पान व पोषण का ध्यान रखने के लिये सरकार निक्षय पोषण योजना के तहत प्रति माह 500 रुपये सहायता राशि के तौर पर भुगतान करती है। विभाग द्वारा नोटिफाइड टीबी मरीजों को नियमित रूप से संबंधित राशि का भुगतान किया जा रहा है।

रोग के लक्षण को छूपाए नहीं, कराएं इलाज –

वजन में कमी, दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी होना, इसके साथ बलगम या खून आना, ज्यादा पसीना आना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, कमजोर इम्यूनिटी, मांसपेसियों में दर्द टीबी रोग से जुड़े सामान्य लक्षण हैं। इसमें से किसी एक लक्षण होने पर रोगी को इसे छूपाने की जगह नजदीकी अस्पताल में जाकर अपना इलाज कराने की जरूरत है। लक्षण दिखने के बाद इसे लंबे वक्त तक छुपाना रोगी व उसके परिवार ही नहीं पूरे समुदाय के लिये खतरनाक साबित हो सकता है।

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