आपातकालीन भारत विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
हाजीपुर। वर्ष 1975 के 25 जून को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर पुरे देश में आपातकाल लागू किया था। व्यवहार न्यायालय हाजीपुर जिला विधिज्ञ संघ भवन परिसर में अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर की अध्यक्षता एवं भाजपा बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह के संचालन में आपातकालीन भारत विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए राज कुमार दिवाकर ने कहा कि आपातकाल लागू करना भारत के इतिहास का अलोकतांत्रिक काल था,देश के लिए महा संकट का समय था इस दिन को कोई भी भारतीय स्मरण नहीं करना चाहेगा। गोष्ठी का संचालन करते हुए भाजपा बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह ने कहा कि 1971 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने चुनावी धांधली कर जीत का प्रमाण पत्र हासिल की थी जिसे 12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश जगमोहन लाल जी ने चुनाव कैंसिल कर इंदिरा गांधी को 6 साल तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया था एवं 1977 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश ,बिहार ,हरियाणा तथा दिल्ली में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी 21 महीने तक भारत में लगा आपातकाल लोकतंत्र की हत्या थी प्रेस को सेंसर कर सरकार सभी विपक्षी नेताओं सहित कांग्रेस के विरुद्ध आवाज उठाने वाले जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी बाजपेई, मुरली मनोहर जोशी, लालकृष्ण आडवाणी जैसे लोगों एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों को अकारण जेल में डाल कर बंद कर दिया था। श्री सिंह ने कहा कि बिहार में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में कांग्रेस के खिलाफ वृहद आंदोलन संचालित किया गया था जिससे संपूर्ण भारत ने समर्थन कर संपूर्ण क्रांति के रूप में तत्कालीन कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंका था। गोष्ठी को अधिवक्ता विनय कुमार झा, बसंत कुमार, प्रवीण तिवारी सहित अवधेश कुमार सिन्हा, इन्द्र भुषण सिंह, कृष्ण मुरारी प्रसाद, अरुण कुमार,मो शोएब सहित काफी संख्या में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित करते हुए आपातकाल के दौड़ान होनेवाले कठिनाइयों पर विस्तृत चर्चा की।
