हर घर में वायरल बुखार के मरीज
हर घर में वायरल बुखार के मरीज
अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या से डॉक्टर भी हैरान, सर्दी, खांसी व ठंड लगकर आ रहे बुखार, डॉक्टरों ने मरीजों को दी आराम फरमाने की नसीहत
महुआ, नवनीत कुमार
वायरल बुखार से महुआ का इलाका तप रहा है। हर घर में वायरल बुखार के मरीज इस समय दिख रहे हैं। उन्हें सर्दी, खांसी के साथ ठंड लगकर बुखार आ रहा है। एक व्यक्ति को बुखार होने के बाद पूरा परिवार इसके चपेट में आ जा रहा है। नतीजतन इस समय अस्पताल वायरल बुखार के मरीजों से पट गया है। गुरुवार को तो महुआ का सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल मरीजों से पटा रहा।
बताया जा रहा है कि इस समय मौसम की बेरुखी के कारण वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। घर में एक व्यक्ति को बुखार होने के बाद पूरा परिवार इसके चपेट में आ जा रहा है। मरीजों को जोड़ों की सर्दी, खांसी, बदन दर्द, सिर दर्द के साथ ठंड लगकर बुखार आना लक्षण दिख रहा है। डॉ महेश चौधरी बताते हैं कि इस समय तेज धूप में निकलने और ठंडा पानी पीने के कारण बुखार होना स्वभाविक है। मौसम की बेरुखी से सर्दी, खांसी, बदन दर्द, सिर दर्द और ठंड लगकर बुखार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसे हल्के में नहीं ले और ऐसे मरीज को खूब पानी पिलाएं। चिकित्सीय सलाह लें और उन्हें आराम में रखें। साथ में वायरल बुखार के मरीज से सोशल डिस्टेंस का पालन करें। अनुमंडल अस्पताल में डॉ मंदाकिनी ने बताया कि महिलाओं और बच्चे में वायरल बुखार अधिक हो रहे हैं। इस समय 60 फीसद मरीज वायरल बुखार के पहुंच रहे हैं। डॉ केसी विद्यार्थी ने बताया कि तेज धूप के साथ कभी बूंदाबांदी होने और मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल फीवर अधिक हो रहे हैं। इसमें नाक से पानी गिरना, बदन और सिर में जोड़ों का दर्द मुख्य लक्षण है। उन्होंने बताया कि ऐसे मरीज को अविलंब डॉक्टर से दिखाएं। घर में एक व्यक्ति को इस समय बुखार होने से पूरा परिवार इसके चपेट में आ जा रहा है। इसके वायरस के कारण बुखार रोग घर परिवार से लेकर बाहर तक फैल रही है। बुखार में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं। यह रोग 3 से 5 दिन तक रहते हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार भी बताते हैं कि वायरल बुखार के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। इस समय हर घर में इस रोग का प्रकोप देखा जा रहा है। बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। मौसम के बेरुखी के कारण यह इस तरह की बीमारी होते हैं। अस्पताल में रोगियों के लिए सारे साधन उपलब्ध है। बीमारी को देखते हुए कोविड की जांच एक बार फिर युद्ध स्तर पर कराई जा रही है।
