हरतालिका तीज व्रत को लेकर बाजारों में खरीदारों की उमड़ रही भीड़
हरतालिका तीज व्रत को लेकर बाजारों में खरीदारों की उमड़ रही भीड़
पूरे विधि-विधान और साज सज्जा से परिपूर्ण होकर व्रत का अनुष्ठान रखती है सुहागिनें, साज सज्जा के बीच नए वस्त्र पहन कर पर्व का अनुष्ठान रखने की है परंपरा
महुआ, नवनीत कुमार
भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीय को मनाई जाने वाली हरतालिका तीज व्रत पर सामानों की खरीदारी को लेकर इस समय बाजार भीड़ से गुलजार हो रहा है। महिलाओं की भीड़ व्रत से जुड़े सामानों की खरीदारी करने के लिए उमड़ रही है। शुक्रवार को तो महुआ बाजार खरीदारों की भीड़ से अस्त-व्यस्त हो गया। इस कारण रुक रुक कर जाम की स्थिति भी बनती रही।
पंडितों ने बताया कि पति को दीर्घायु होने की कामना को लेकर सुहागिनों द्वारा की जाने वाली हरतालिका तीज व्रत आगामी 30 अगस्त को होगा। यह व्रत सुहागिनों के लिए काफी फलदाई है। इस व्रत को करने से महिलाएं सदा सुहागन रहती हैं। महिलाएं नए परिधान में दुल्हन की तरह सज संवर कर पर्व का अनुष्ठान रखती हैं और पंडितों से शंकर और पार्वती की कथा सुनती हैं। इस पर्व पर निर्जला उपवास रखा जाता है। व्रत करने वाली सुहागिने रात को बिछावन पर सोने से परहेज करती हैं। हरतालिका तीज पर महिला प्रसाधन से जुड़ी सामग्रियों का का दान करना भी शुभ माना गया है। पंडितों का कहना है कि इस व्रत को कुंवारी कन्याए भी करती हैं। व्रत को करने से उन्हें मनचाहा फल प्राप्त होता है।
व्रत रखने वाली महिलाएं जमकर कर रही खरीदारी:
हरतालिका तीज व्रत रखने वाली सुहागिने पूजन सामग्रियों की खरीदारी में जुटी हैं। वह एक एक सामग्री की खरीदारी कर रही हैं। नए कपड़े से लेकर श्रृंगार प्रसाधन और पूजन सामग्रियों की खरीदारी कर रही हैं। इस समय खरीदारों की भीड़ के कारण दुकानदारों के भी हौसले बुलंद हैं। तीज व्रत को लेकर बाजार में जगह-जगह फुटपाथ पर पूजन सामग्रियों की बिक्री हो रही है। फुटपाथी दुकानदार महुआ बाया नदी पुल से लेकर अन्य जगह पर दुकान छान रखे हैं। व्रत रखने वाली महिलाएं रंगीन डलिया के साथ महिला प्रसाधन में सिंदूर, चूड़ी, लहठी, मेंहंदी आदि की खरीदारी कर रही हैं। तीज व्रत पर मेहंदी लगाना शुभ माना गया है। पर्व को लेकर फल और मिष्ठान की भी बिक्री खूब हो रही है। वही दूसरे दिन 31 अगस्त को गावों में चौथे चंदा व्रत की भी तैयारी जोरों पर हैं। इस व्रत पर लोगों को दूध मिलना मुश्किल हो रहा है।
