पुत्रों को दीर्घायु होने को लेकर रखा अखंड निर्जला उपवास
पुत्रों को दीर्घायु होने को लेकर रखा अखंड निर्जला उपवास, आज गाय के दूध के साथ करेंगी पर्व के समापन
महुआ, नवनीत कुमार
पुत्रों को काल कल्वित होने से बचाने और उन्हें दीर्घायु होने को लेकर जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) महापर्व पर माताओं ने रविवार को अखंड निर्जला उपवास रखा। उन्होंने कूश का जीमूत वाहन बनाकर पंडितों से जीमूत वाहन राजा और चीलो सियारो की कथा सुनी और उन्हें यथासंभव दान दिया। पर्व को लेकर माताओं में भक्ति सिर चढ़कर बोली। वही सोमवार को सूर्योदय के बाद माताएं स्नान कर गाय के दूध के साथ व्रत का समापन करेंगी।
जीवित्पुत्रिका व्रत पर माताएं मुंह में एक खबर रखने से भी परहेज करती हैं पुणे 24 घंटे के महा उपवास के बाद वह गाय के दूध लेकर व्रत का समापन करेंगी। बताया गया कि इस पर्व पर माताएं अपने पितरों का पूजन करती हैं। उन्हें ओठगन देकर तृप्त करती हैं। ताकि घर पर उनका स्नेह और आशीर्वाद हमेशा बना रहे। को माताएं व्रत का अनुष्ठान मरुआ की रोटी, नोनी के साथ और झींगुनी के सब्जी खाकर किया। वही झींगुनी के पत्ते पर पितरों को ओठगन दिया। बताया जाता है कि पितृ पक्ष में सप्तमी रहित अष्टमी को यह व्रत का अनुष्ठान माताएं रखती है। वही नवमी को पारण कर व्रत का समापन करती हैं। इधर व्रत को लेकर गांव नगर में भक्ति परवान पर रहा। पुत्रों ने भी माताओं का सेवा किया और उनसे आशीर्वाद ली।
