दुर्गा पूजा का समापन हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के पुजा अर्चना के उपरांत श्रद्धा पूर्वक भक्ति पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो गया।
दुर्गा पूजा का समापन हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के पुजा अर्चना के उपरांत श्रद्धा पूर्वक भक्ति पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो गया। रिपोर्ट नसीम रब्बानी वैशाली/बिदुपुर। सहदुल्लहपुर धोबौली पंचायत अंतर्गत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध, महान् स्वतंत्रता सेनानी अक्षयवट राय,बांके सिंह,अमीर गुरु,रुपा सिंह, ललित सिंह, रामचलितर शर्मा, बुद्धु पासवान सहित सैंकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली एवं उत्तर बिहार स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बिंदु स्थल शिव मंदिर उफरौल ककरहटा में आयोजित दुर्गा पूजा का समापन हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के पुजा अर्चना के उपरांत श्रद्धा पूर्वक भक्ति पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो गया। पुजा समिति के अध्यक्ष हरेश कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि आम लोगों के सहयोग से बिगत चालिस वर्षों से भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है एवं सप्तमी से विजय दशमी तक लगातार चार दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। शिव मंदिर उफरौल ककरहटा में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं एवं मां दुर्गा से सुख समृद्धि की याचना करते हैं तथा जिनकी मनोकामना पूर्ण होती हैं माता की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक मंदिर परिसर में रहकर मां दुर्गा की आराधना करते हैं।इस वर्ष गौरव कुमार पिता घनश्याम सिंह ने माता की प्रतिमा का निर्माण कराया था। एकादशी तिथि को ब्रह्म बाबा पोखर उफरौल में अगले वर्ष पुनः पुजा करने का संकल्प लेकर प्रतिमा का विसर्जन विधि विधान के साथ किया जाता है। पुजा समिति के के अध्यक्ष हरेश कुमार सिंह ने बताया कि जिस व्यक्ति ने भी सच्चे मन से माता मंदिर में मन्नत मांगी है जरुर पुरी हुई है इसके कारण अगले कई वर्षो तक का नंबर लगा हुआ है। इस अवसर पर समिति सचिव मृत्युंजय सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संदीप कुमार, उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह,मल्हु सिंह, शंभू सिंह,नीरज कुमार, कोषाध्यक्ष विकास कुमार,दीपक कुमार, संजय सिंह, सतीश कुमार यादव, राकेश यादव,अजय यादव, सरपंच निर्मला देवी, नंदलाल पासवान,अजबलाल पासवान, सुधीर कुमार, परशुराम सिंह, विशाल कुमार,वैधनाथ दास,विजय सिंह सहित पुजा समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार समुचित व्यवस्था की एवं भक्ति पूर्ण माहौल में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के साथ पुजा संपन्न हुआ।
