डेंगू के बेहतर ईलाज एवं रोकथाम के उपाय को लेकर अधिकारियों से मिला माले प्रतिनिधिमण्डल
डेंगू के बेहतर ईलाज एवं रोकथाम के उपाय को लेकर अधिकारियों से मिला माले प्रतिनिधिमण्डल
*रेफरल अस्पताल ताजपुर, सदर अस्पताल समेत जिले के सभी अस्पतालों में डेंगू की ईलाज की बेहतर व्यवस्था करे सरकार- बंदना*
*डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान, छिड़काव, फौगिंग की व्यवस्था युद्ध स्तर पर किया जाये- मो० एजाज*
*जीवन रक्षक प्लेटलेट्स, इमरजेंसी दवाईयां, कीवी फल, पपीता आदि की सरकारी स्तर पर हो व्यवस्था- ब्रहमदेव प्रसाद सिंह*
*डेंगू से बचाव को लेकर माले चलाएगी जारूकता अभियान- सुरेंद्र*
ताजपुर, समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
ताजपुर / समस्तीपुर : – – 19 अक्टूबर ’22
समस्तीपुर के ताजपुर नगर परिषद एवं प्रखण्ड क्षेत्र में डेंगू बुखार तेजी से फैलने लोग दहशत में हैं. इसके ईलाज एवं रोकथाम के बेहतर इंतजाम करने की मांग से संबंधित स्मार-पत्र बुधवार को भाकपा माले प्रखण्ड कमिटी सदस्य ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, मो० एजाज, बंदना कुमारी आदि ने प्रखण्ड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ताजपुर, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ताजपुर, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ताजपुर, सिविल सर्जन एवं जिलाधिकारी को सौंपकर डेंगू के बेहतर ईलाज एवं रोकथाम का उपाय युद्ध स्तर पर करने की मांग की है.
माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने उक्त आशय से संबंधित जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देते हुए कहा है कि रेफरल अस्पताल ताजपुर में डेंगू वार्ड है लेकिन यहाँ स्पेशल चिकित्सक, नर्स, मेडिकल स्टाफ नहीं है. उन्होंने प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए कहा है कि सदर अस्पताल में भी डेंगू के ईलाज का बेहतर व्यवस्था नहीं है. इसके रोगी को जीवन रक्षक प्लेटलेट्स, कीवी फल, पपीता, बकरी का दूध, इमरजेंसी दवाईयां आदि की जरूरत होती है जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. कहीं भी डेंगू से बचाव को लेकर न तो छिड़काव कराया जा रहा है और न ही फौगिंग कराई जा रही है. इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान का भी घोर आभाव है.
माले नेता से अधिकारियों को स्मार-पत्र के जरिये रेफरल अस्पताल ताजपुर, सदर अस्पताल समेत जिले के सभी अस्पतालों में डेंगू वार्ड बनाने, वार्ड में स्पेशल डाक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ तैनात करने, डेंगू जांच की व्यवस्था करने एवं निजी जांचघर में जांच राशि तय करने, जीवन रक्षक प्लेटलेट्स, कीवी फल, इमरजेंसी दवाईयां, पपीता, बकरी का दूध आदि सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराने की मांग की है.
