देवोत्थान पर तुलसी विवाह का आयोजन
देवोत्थान पर तुलसी विवाह का आयोजन
जगह-जगह तुलसी विवाह और अष्टयाम यज्ञ का आयोजन, गंगा स्नान को लेकर भी होगी भीड़
महुआ, नवनीत कुमार
देवोत्थान शुक्रवार को होगा। इस दिन भगवान विष्णु चतुर्मास से निवृत्त होकर निद्रा से जागेंगे। इसी के साथ तुलसी विवाह का कार्यक्रम भी होगा। देवोत्थान स्नान के लिए तो श्रद्धालुओं का जाना भी गुरुवार की शाम शुरू हुआ।
इधर देवोत्थान के साथ ही 4 महीने से बंद पड़े मांगलिक सहित विभिन्न शुभ कार्य में पंख लग जाएंगे। देवोत्थान पर तुलसी विवाह की तैयारी विभिन्न जगहों पर की गई है। साथ ही जगह-जगह अष्टयाम यज्ञ का भी आयोजन होगा।
पंडितों ने गुरुवार को बताया कि भगवान विष्णु चातुर्मास से निवृत्त होकर कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी देवोत्थान को निद्रा से जागते हैं। इस दिन तुलसी विवाह विधिवत किया जाता है। इसके साथ ही भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। आचार्यों ने बताया कि देवोत्थान पूजन के साथ ही मांगलिक सहित विभिन्न शुभ कार्यों में लगे विराम हट जाते हैं। इसी के साथ 4 महीने से मंद पड़ी शुभ शहनाई के गुंज शुरू हो जाते हैं। देवोत्थान पर पूजा पाठ करना शुभ माना गया है। इस दिन गंगा स्नान करना भी शुभकर माना गया है। महुआ से काफी संख्या में श्रद्धालु देवोत्थान स्नान के लिए हाजीपुर नारायणी तट जाएंगे। देवोत्थान को लेकर महुआ और आसपास के लोग गंगा स्नान जाने की तैयारी कर रखे हैं। किसान परिवार इस दिन ने गृहस्थी की शुरुआत भी करते हैं। कहीं रबी की बुवाई तो कहीं आलू की रोपनी आदि शुरू की जाती है।
