यूरिया खाद के लिए किसानों का बिस्कोमान पर हंगामा
यूरिया खाद के लिए किसानों का बिस्कोमान पर हंगामा
बिस्कोमान संचालक को देर से पहुंचने के कारण भड़के किसान, देर होने के कारण किसानों की हो गई थी लंबी तादाद, जिन्हें 4 बोरी यूरिया की जरूरत है उन्हें एक बोरी ही दी गई, अधिकतर किसान यूरिया लेने से हुए वंचित,
पुलिस के पहुंचने के बाद लोग हुए शांत और वितरण हुआ शुरू
महुआ, नवनीत कुमार
महुआ के पंचमुखी चौक के पास बिस्कोमान पर यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की इतनी भीड़ हो गई कि उनकी लंबी कतार लग गई। इस बीच बिस्कोमान संचालक को देर से पहुंचने के कारण वे भड़क गए और जमकर हंगामा किया। इस कारण संचालक द्वारा यूरिया का वितरण काफी देर तक नहीं किया गया। किसानों की भीड़ से यहां दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
सोमवार को यहां पंचमुखी चौक स्थित बिस्कोमान पर पहुंचे किसानों ने बताया कि इस समय सभी फसलों में यूरिया की जरूरत पड़ रही है। फसलों में सिंचाई करने के बाद उसमें यूरिया देना निहायत जरूरी पड़ रहा है। जबकि यह मिलना मुश्किल है। वे यूरिया लेने के लिए एक सुबह से यहां गोदाम पर आकर पंक्ति लगाकर खड़े हैं। जबकि बिस्कोमान संचालक द्वारा 11 बजे कार्यालय को खोला गया। किसानों ने बताया कि उन्हें खेती करने के लिए समय पर ज्यादा मुस्तैदी रखनी पड़ती है। अन्यथा खेती मारी जाती है। जबकि यहां वे लोग कई दिनों से यूरिया लेने के लिए पहुंच रहे हैं और दिन भर रुकने के बाद उन्हें खाद दिए बगैर टरका दिया जाता है। बिस्कोमान पर पहुंचे किसान पकड़ी के देवेंद्र सिंह, महेश सिंह, नारंगी के मुकेश कुमार, शेरपुर प्यारे के नीरज कुमार, हकीमपुर के निर्मल कुमार, रसूलपुर मोबारक के रामलाल, गरजौल पहाड़पुर के रूपेश सिंह, रसलपुर के महेश राय, मिरजानगर के नागेश्वर सिंह, चांदसराय के हेमंत कुमार, कढनिया के अमर कुमार, गोरीगामा के अवधेश राय आदि दर्जनों किसानों ने बताया कि यूरिया नहीं मिलने के कारण उनकी खेती मारी जा रही है। वेलोग महाजन से कर्ज लेकर फसल लगाए हैं। सिंचाई करने के बाद उसमें यूरिया देना जरूरी है। जबकि यहां यह मिलना मुश्किल हो रहा है। पैक्सो पर भी यूरिया नदारद है। इधर किसानों की लंबी तादाद को देखकर बिस्कोमान संचालक द्वारा पुलिस को बुलाया गया। काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने यत्र तत्र खड़े किसानों को पंक्ति वध किया। उसके बाद यूरिया का वितरण शुरू हुआ। समय कम होने के कारण कुछ किसानों को ही यूरिया का वितरण किया गया। अधिकतर किसान यूरिया लिए बगैर लौट गए। यहां बिस्कोमान पर व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं किए जाने के कारण किसानों को यूरिया लेने में दिक्कत हो रही है। उधर बिस्कोमान संचालक रूबी प्रवीण ने बताया कि उनके पास 500 बोरी यूरिया उपलब्ध है जो किसानों के बीच वितरण किया जाएगा। किसानों के अनुसार यूरिया की कमी है। किसानों के लिए बनाए गए पैक्स में भी यूरिया नहीं है। खुले बाजार में इसकी कालाबाजारी कर 500 के बोरी बेची जाती है।
