April 18, 2026

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गांधी स्मारक से लेकर महुआ नगर परिषद का एक किलोमीटर की गोलार्द्ध में जाम बनती है क्रॉनिक समस्या

गांधी स्मारक से लेकर महुआ नगर परिषद का एक किलोमीटर की गोलार्द्ध में जाम बनती है क्रॉनिक समस्या
महुआ, नवनीत कुमार

महुआ बाजार इस समय जाम का पर्याय बन कर रह गया है। यहां खरीदारों की हो रही भीड़ के कारण बाजार रुक रुक कर जाम हो जाता है। जिससे लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। शनिवार को भीड़ होने के कारण महुआ बाजार एक बार फिर रुक रुक कर जाम होते रहा। जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई।
जाम ऐसे हो जाती है कि लोगों को उससे निकलना मुश्किल हो जाता है। लोग जाम में इस कदर फंसते हैं कि उन्हें आगे का काम मारा जाता है। इस समय आम जनों के अलावा किसानों को बाजार में जाम लगने से ज्यादा परेशानी हो रही है। ट्रैफिक पुलिस होने के बावजूद जाम बेकाबू हो जाता है।
ऐसे तो यहा साप्ताहिक हाट शुक्रवार और सोमवार को होने के कारण यहां जाम लगना स्वाभाविक होता है। हाट होने के कारण खरीदारों की भीड़ उमड़ने के कारण बाजार जाम से ठहर सा जाता है। यहां जाम का केंद्र स्थल गांधी स्मारक और थाना चौक बनता है। कभी गांधी स्मारक से जाम शुरू होता है और पूरा बाजार ठहर सा जाता है, तो कभी थाना चौक से जाम की शुरुआत होकर एक किलोमीटर के गोलार्ध में वाहनों की कतार लग जाती है। जाम से लोग किसी तरह निकलना चाहते हैं लेकिन यह इस कदर गुत्थम गुत्थी हो जाता है कि इस पर काबू पाना प्रशासन के लिए परेशानियों का सबब बन जाता है। इस समय जाम का कारण खरीदारों की भीड़ बन रही है। खेती का समय होने के कारण किसानों की भीड़ खाद-बीज, कीटनाशक दवा आदि लेने के लिए होती है। महुआ अनुमंडल बाजार में खरीदारों की भीड़ सुबह से ही उमड़ना शुरू हो जाता है। अनुमंडल बाजार होने के कारण काफी दूरदराज के लोग यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।यहां स्वर्ण आभूषण दुकानों पर खरीदारों की भीड़ होती है। वही कपड़ा, रेडीमेड, जूते-चप्पल, महिला प्रसाधन, परचून, किराना आदि दुकानों पर खरीदारों की भीड़ हो होने से बाजार में बाइकों और गाड़ियों की अस्थायी स्टैंड सड़क पर ही हो जाती है। इस सड़क किनारे फुटपाथी दुकानदारों का जमावड़ा भी होता है। रेहड़ी वाले, ठेला वाले, खोमचे वाले, फल वाले आदि से सड़कें सिकुड़ जाती है। जिससे जाम लगना स्वभाविक हो जाता है। यहां गांधी स्मारक पर दो ट्रैफिक के जवानों को लगाया गया है लेकिन कभी-कभी जाम ऐसी भीषण रूप लेती है कि वह भी थक हार कर बैठ जाते हैं। उधर थाना चौक पर भी दो चौकीदारों की ड्यूटी ट्रैफिक कार्य में दी गई है। वे जाम पर काबू पाने के लिए ट्रैफिक का कार्य करते हैं। फिर भी जाम इस कदर फंस जाता है कि उसे छुड़ाना उनके लिए मुश्किल होता है। लोगों का कहना है कि पहले तो साप्ताहिक हाट सोमवार और शुक्रवार होने के कारण जाम लगता था। जबकि अब यह रोज की स्थिति बन गई है।

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