कबीर पंथ के विचारधारक स्वर्गीय गोसाई रामकरण राय जी की तृतीय पुण्यतिथि मनाई गई ।
कबीर पंथ के विचारधारक स्वर्गीय गोसाई रामकरण राय जी की तृतीय पुण्यतिथि मनाई गई ।
वैशाली से नसीम रब्बानी के साथ डाकू कुमार की रिपोर्ट।
वैशाली: इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष रामस्वार्थ राय तथा संचालन संस्था सचिव कृष्ण किशोर कमल ने किया। इन्होंने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वर्गीय रामकरण राय जी के विचारों को रखा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सर्वप्रथम स्वर्गीय गोसाई रामकरण राय जी के तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उच्च विद्यालय बेलवरघाट के शिक्षक उमेश कुमार निराला ने कहा कि स्वर्गीय रामकरण राय जी कबीर मत के मानने वाले लोग थे। इनके अनुसार जो लोग निरंतर प्रयास करते हैं, कड़ी मेहनत करते हैं ,वह जिंदगी में सफल होते हैं । निश्चित रूप से कबीर दास जी का कहना था कि वही व्यक्ति सफल होता है निरंतर प्रयास करता है, क्योंकि जो गोताखोर पानी में जाता है वह कुछ ना कुछ लेकर आता है, लेकिन जो किनारे बैठे थे रहता है उसके हाथ कुछ नहीं आता । कबीर दास जी के हर दोहे उद्देश्य पूर्ण है। बोली एक अनमोल है, जो कोई बोले जानि। लिये तराजू तौ्ली के तब मुख बाहर आनि। हमें इनके विचारों से सीखने की जरूरत है।
