कवि प्रीतम कुमार झा भारत को जाने ग्रंथ के हिस्सा बने।
कवि प्रीतम कुमार झा भारत को जाने ग्रंथ के हिस्सा बने। रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
वैशाली । महुआ, प्रखंड क्षेत्र के मंगरू चौक स्थित लिच्छवी बिहार कालोनी के निवासी कवि प्रीतम कुमार झा को ” भारत को जाने ” ग्रंथ का हिस्सा बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय काव्यप्रेमी मंच तंजानिया द्वारा संस्थापिका डॉ ममता सैनी जी के संयोजन में और अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच की सशक्त टीम के सहयोग से विगत वर्ष हुये अद्वितीय कार्यक्रम जो 37 दिन चला था और 50 से अधिक देशों के 466 सहयोगियों ने हिस्सा लिया था,दोहा चौपाई ,गीत आधारित इस कार्यक्रम में भारत के सभी राज्यों की महिमा 7 भागो में लिखी व गाई गई है । कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री अनूप जलोटा ने किया था व देश विदेश के लगभग सभी बड़े साहित्यकारो ने मुख्य अतिथि के रूप में मंच को सजाया था। कार्यक्रम की वीडियो एलबम को ऑफिसियल वर्ल्ड रिकार्ड स्पेन व इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया था, और आज वो सुनहरा दिन आया जब “भारत को जानें” एक अद्वितीय ग्रंथ इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि प्रीतम कुमार झा ने भी सहभागिता की थी। उंन्होने बिहार राज्य समन्वयक के जिम्मेदारी के साथ हीं बिहार की विशेषता को चौपाई के रूप में लिखा था। इस विशेष उपलब्धि की प्राप्ति पर डॉ ममता सैनी ने उन्हें बधाई प्रदान की है,साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षक समाज के लोगों के साथ हीं समस्त चाहनेवालों ने भी इस उल्लेखनीय कार्य हेतु डॉ ममता सैनी जी व प्रीतम कुमार झा को बधाई प्रेषित की है। बताते चलें कि प्रीतम कुमार झा लगातार एक शिक्षक के कर्तव्य को निभाते हुए काव्य जगत में अपनी पहचान बना चुके हैं।
