राष्ट्र निर्माण में अध्यापकों की भूमिका विषयक पर संगोष्ठी आयोजित
राष्ट्र निर्माण में अध्यापकों की भूमिका विषयक पर संगोष्ठी आयोजित
। रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
वैशाली ! हाजीपुर ,अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान में शक्तिपीठ डुमरी में आयोजित “राष्ट्र निर्माण में अध्यापकों की भूमिका” विषयक शिक्षक सम्मेलन आयोजित की गई। दीप प्रज्वलन और संगीत के साथ सम्मेलन की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जोन समन्यवक व पूर्व अध्यापक शशि भूषण ठाकुर ने अध्यापकों को कहा की आप युग निर्माता है।
शिक्षक वे हैं जो स्वर्ग की जिन्हे लालसा नहीं, वे स्वयं स्वर्ग बनाते हैं।
श्री ठाकुर ने कहा की हम मंगल ग्रह की ओर बढ़ रहें हैं हमारे समाज से मंगल खत्म हो रहा है।
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की चर्चा करते हुए वक्ता ने कहा की उन्हें एक पत्रकार ने कहा की आप अपने जीवन में महत्वपूर्ण दो महत्वपूर्ण व्यक्ति के नाम बताएं। तो श्री कलाम ने प्रथम अपनी मां और दूसरी शिक्षक का नाम लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप बिहार विश्वविद्यालय के अवकाश प्राप्त प्राध्यापक डा रामेश्वर सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, बोकारो के अध्यापक सच्चिदानंद सिंह ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार दिए।
इस अवसर पर जिला संयोजक आशेश्वर सिंह, शत्रुघ्न सिंह, बिनोद कुमार गुप्ता, डॉ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता, सुरेश साह, मिथलेश सिंह, प्रदीप सोनी, शास्त्री लाल सहनी,जगन्नाथ प्रसाद, राम नारायण चौरसिया,ब्रह्मदेव सिंह, काली चरण साह सहित अन्य विद्वान उपस्थित थे।
