विभिन्न पंचायतों में बाल विवाह, बाल श्रम , बाल व्यापार, बाल यौन शोषण मुद्दे पर जागरूकता का कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विभिन्न पंचायतों में बाल विवाह, बाल श्रम , बाल व्यापार, बाल यौन शोषण मुद्दे पर जागरूकता का कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
रिपोर्ट:नसीम रब्बानी
वैशाली:कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के तत्वावधान में हाजीपुर प्रखंड के बलवा कुंवारी , थाथन, बहूआरा, पहेतिया समेत विभिन्न पंचायतों में बाल विवाह, बाल श्रम , बाल व्यापार, बाल यौन शोषण मुद्दे पर जागरूकता का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में गांव के आम जनमानस एवं सभी स्टेकहोल्डर पूरी मजबूती के साथ भाग ले रहे हैं । हाजीपुर प्रखंड के 150 गांव को बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया गया है । जिसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायत प्रतिनिधियों, समुदाय के आम जनमानस के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहा है तथा लोगों को बाल विवाह न करने के संबंध में शपथ दिलाई जा रही है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के तहत संचालित कार्यक्रम जस्टिस फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम के तहत वैशाली जिले को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने का प्रयास किया जा रहा है । साथ ही साथ 150 गांव को बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें ग्रामीण स्तर पर आउटरीच वर्कर के माध्यम से जन जागरूकता फैलाई जा रही है। शुक्ला ने बताया कि अगर कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो चाइल्डलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर तथा पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर इसकी सूचना दें। ताकि अग्रेतर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की तथा 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के कि अगर शादी होती है उसमें 2 वर्ष का सजा एवं ₹100000 जुर्माना का प्रावधान किया गया है। इसमें शादी करने वाले पंडित, मौलवी, पादरी, माता-पिता, शादी में शामिल होने वाले सभी व्यक्ति , कार्ड छापने वाला, बैंड पार्टी, टेंट समियाना वाला सभी दोषी माना जाएगा तथा दंड का भागी होगा।
