बकसामा में 16वाँ सलाना उर्स के अवसर पर हुई चादर पोशी ।
बकसामा में 16वाँ सलाना उर्स के अवसर पर हुई चादर पोशी
वैशाली जिले से कौशल किशोर सिंह की रिपोर्ट।
वैशाली जिले के गोरौल प्रखंड क्षेत्र के बकसामा पंचायत अंतर्गत हाजी पीर अब्दुल रहमान के मजार पर 16वाँ सलाना उर्स के अवसर पर चादर पोशी की गयी। हाजी पीर अब्दुल रहमान में सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे जीवित अवस्था में भी दीन दुखियों की सेवा में लगे रहते थे। उनकी सेवा से खुश होकर अपनी इच्छा अनुसार दुखियां भी दान दिया करते थे। उनकी ख्याति बिहार ही नही कलकत्ता, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, काश्मीर, आंध्रप्रदेश, केरला समेत अन्य प्रदेशों में भी वे अपनी पहचान बना लिया था। जिसके कारण उनके मरने के उपरान्त उनके तीसरा पुत्र मोहम्मद इस्तियाक अहमद इमदाद के रूप में गद्दीनसी हुए. उसके बाद से ही हर साल लोग हाजी पीर अब्दुल रहमान के मजार पर चादर पोशी किया करते आ रहे हैं। यहां तक कि जो दिल से मांगता है उनकी मन की मुराद आवश्यक पुरी किया करते हैं। इन्हीं कारणों से महुआ मुजफ्फरपुर मार्ग के बकसामा पंचायत स्थित बकसामा गांव उनके मजार के पास पहुंच कर लोग सच्चे मन से जो कुछ मांगता उनकी मन की मुराद आवश्यक पुरी किया करते हैं। जैसे ही मन की मुराद पूरी होते ही हाजी पीर अब्दुल रहमान के मजार पर चादर पोशी किया करते हैं। हाजी पीर अब्दुल रहमान के चार पुत्र हैं। उनके बड़े पुत्र मौलाना मोहम्मद इस्तियाक गद्दीनसी हैं। जिनके देखरेख में प्रतिवर्ष उर्स मेला का आयोजन किया जाता हैं। जिसमें देश विदेशों से भी लोग आकर चादर पोशी किया करते हैं, और रात भर जलसा का प्रोग्राम किया करते हैं। जहां पर इतनी अधिक भीड़ उमर पड़ती है कि प्रशासन को काफी चौकसी बरतनी पड़ती हैं।
इस मौके पर स्थानीय मुखिया मो. हाशीम, सरपंच रामशोगारथ साह, जिला पार्षद मनोज ठाकुर, उप मुखिया पति बिन्देश्वर राय, गुलाम मुस्तुफा, अख्तर हुसैन, मो. मुस्लिम अंसारी, मो. अताउल्लाह, मो. अली मुर्तुजा तेगी रहमानी खलीफा, शज्जादा नसीन शरीफ, समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
