गुरु एक संगतराश की तरह हैं जो विधार्थी को तराश कर खूबसूरत बना देते हैं / फैजान कादरी
गुरु एक संगतराश की तरह हैं जो विधार्थी को तराश कर खूबसूरत बना देते हैं / फैजान कादरी
नसीम रब्बानी
आदिल शाहपुरी
वैशाली गुरु एक संगतराश की तरह होते हैं जो अपने शिष्यों को अपने कुशल कला से कुशलता पूर्वक तराश कर किसी भी वस्तु या आदमी को खूबसूरत बना देते हैं ये बातें जिनिथ इजुकेशन पोआईट झिटकाहीं मुजफ्फरपुर के विद्यार्थियों ने गत दिनों शिक्षक दिवस के अवसर पर नाजरा जररीन ,शाहजहां ,रूही ,सना नवाज ,गुल अफसा ,रौनक , कहकशा ,जीनत ,सबा शाहीन , फिरदौस ,अलीशा आफताब , मोहम्मद फैजान ,मोहम्मद सोहराब ,मोहम्मद मुजम्मिल, मोहम्मद जमशेद, मोहम्मद अदनान ,मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद दिलकश मोहम्मद वाकिफ ,मोहम्मद साहिल, मोहम्मद हामिद ,लाडली खातून, मोहम्मद परवेज ,मोहम्मद आबिद ,मोहम्मद सरफराज, सबरीन अंसारी ,यासमीन खातून, सायरा बानो ,फरहत परवीन सेमेत उपस्थित सैंकड़ों विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से कहा उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी विद्यार्थी गुरु के बिना शिक्षित नहीं हो सकता एवं पृथ्वी पर कामयाब नही हो सकता कामयाब होने के लिए एक कुशल गुरु का जीवन में होना अनिवार्य है जिसकी मिसाल वर्तमान में चंद्रयान 3 की सफलता की उड़ान दर्शाता है कि इस अद्भुत काम में कहीं ना कहीं कुशल शिक्षक का बहुत बड़ा योगदान रहा है जो इसरो की टीम ने इतना बड़ा काम करके दिखाया और भारत का नाम विश्व में ऊंचा किया प्रोग्राम के समाप्ति में गुरु नौशाद कामिल ने विधार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं
