बदलाव की आस में आज भी महुआ नप में वार्ड 19 के लोग वार्ड से होकर गुजरने वाली वाया नदी की जर्जर बांध से सहमे लोग
बदलाव की आस में आज भी महुआ नप में वार्ड 19 के लोग
वार्ड से होकर गुजरने वाली वाया नदी की जर्जर बांध से सहमे लोग
नगर परिषद कार्यालय की रवैया से महिला वार्ड पार्षद भी क्षुब्ध
महुआ। रेणु सिंह
कहने को तो महुआ नगर परिषद है लेकिन सुविधा में यह पूरी तरह फेल है। यहां लोगों को कोई एक समस्या हो तो उसे बताएं। जबकि यहां तो समस्याएं ही समस्याएं हैं। यहां तक की नगर परिषद कार्यालय के रवैया से वार्ड पार्षद भी क्षुब्ध है।
सोमवार को यहां नगर परिषद वार्ड संख्या 19 में लोगों ने समस्या सुनाना शुरू किया तो अंत नहीं दिखा। लोगों को घर तक पहुंचाने के लिए एक अच्छी सड़क नहीं है, नल जल का पानी नहीं मिल रहा है। 2 साल पहले गरीबों को आवास की सूची बनी लेकिन वह ठंडा बस्ता में चला गया। यहां तक की कुछ लोग तो आवास बनाने के लिए अपने झोपड़ियां को उजार कर छोड़ दिए। फिर भी उन्हें राशि आवंटित नहीं की गई। वार्ड से होकर गुजरने वाली वाया नदी की बांध पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जिससे यहां के लोग डरे सहमे रहते हैं। हालांकि इस बार नदी उफान पर नहीं आई। अन्यथा यहां के लोगों को कहीं अन्यत्र शरण लेने पड़ते।
यहां खुद वार्ड की पार्षद मोनिका मिश्रा बताती है कि लोगों की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो रही है। सड़के जर्जर है, गरीबों को आवास की राशि नहीं मिल रही है, आधे वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगी। वह भी देखरेख के अभाव में कुछ जलती है कुछ बुझ गई। उन्होंने यहां तक बताया कि सरकार की महात्माकांक्षी योजना साफ-सफाई पर भी पूरी तरह ध्यान नहीं दिया जाता। वार्ड में कूडे कचरे की अंबर रहती है, जो कई दिनों बाद उठाया जाता है। कई जगह पर जल जमाव, गंदगी के कारण लोगों में टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू आदि फैल रही है। सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि यहां नल जल योजना पूरी तरह फेल हो चुकी है। वार्ड में बोर्डिंग और पानी टंकी लगाए गए लेकिन लोगों को इसका पानी नसीब नहीं हुआ। वार्ड के बसंत महतो, लाल मुनी देवी, लीला देवी, उमेश सिंह आदि ने बताया कि यहां सुविधा नदारत है। नगर परिषद का कोई सुविधा उन लोगों को नसीब नहीं हो रहा है।.
