वैशाली :जातीय जनगणना में व्याप्त विसंगतियों के खिलाफ राष्ट्रीय लोक जनता दल का एकदिवसीय धरना।
वैशाली :जातीय जनगणना में व्याप्त विसंगतियों के खिलाफ राष्ट्रीय लोक जनता दल का एकदिवसीय धरना।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
वैशाली !हाजीपुर ,राष्ट्रीय लोक जनता दल जिला इकाई के बैनर तले जिला अध्यक्ष लालदेव राम के नेतृत्व में हाजीपुर गांधी चौक परिसर में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। धरना को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक जनता दल के नेताओं ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा जारी सामाजिक ,आर्थिक सर्वे आंकड़े सत्य से परे है ।इसमें बहुत सारी विसंगतियां देखने को आ रही है। जब तक सरकार इन बिसंगतियों को दूर नहीं करेगी ,तब तक हमारी पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है ।पार्टी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि सामाजिक आर्थिक सर्वे के पहले चरण में जारी जातिगत आंकड़े में कई तरह की भी विसंगतियां है। जानकारी मिल रही है कि हजारों लाखों परिवार ऐसे हैं जिनके यहां कोई भी व्यक्ति सर्वे करvने गया ही नहीं। ऐसे में इस बात की शंका है कि या तो उसका विवरण सर्वे में आया ही नहीं या पड़ोस से आधे अधूरे जानकारी लेकर सर्वे में डाल दी गई। मौजूदा सरकार ने सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए कई जातियों के आंकड़ों को कम करके दिखलाने का काम किया है ।दर्जन भर से ज्यादा जातियों को कम दिखाया गया है, जबकि जमीनी हालात इससे बेहद अलग है ।ऐसे में जो जातियां पहले से ही कमजोर है उसको आगे की नीतियों में कई तरह का नुकसान उठाना पड़ेगा। इन बिसंगतियों को ठीक किए बगैर भविष्य में अपनाई जाने वाली किसी भी नीति में संपूर्णता का अभाव रहेगा। यही नहीं अब तो यह भी सामने आ रहा है की जाति आधारित गणना की रिपोर्ट में बहेलिया जाति चंद्रवंशी (कहार कमकर ) जाति और माली मालाकार जातियों की संख्या बताई गई है यह एथनोग्राफी अध्ययन से कम है। इन तीनों जातियां का एथनोग्राफी अध्ययन भी सामान्य प्रशासन की ओर से कराया गया है ।एथनोग्राफी रिपोर्ट ए एन सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान पटना द्वारा किया गया है। एथनोग्राफी रिपोर्ट के अनुसार बहेलिया जाति की संख्या 67,535 है जबकि जाति जनगणना में इसकी संख्या 8 026 बताई गई है । इसी तरह का हर की संख्या एथनोग्राफी रिपोर्ट में 30,32,300 जबकि कहार जाति जनगणना में इसकी सिर्फ 21,55 644 बताई गई । माली मालाकार की संख्या एथनोग्राफी रिपोर्ट में 13,15,465 बताई गई है जबकि जाति जनगणना में संख्या सिर्फ 3,49,285 बताई गई है ।लगभग कमजोर जातियों में इस तरह की विसंगतियां है ।ऐसे में जिन जाति वर्गों का यह लगता है कि उनकी संख्या को जानबूझकर कम दिखाया गया है या जिनकी गणना छूट गई है उनके भीतर हमेशा ही असंतोष का भाव बना रहेगा ।ऐसे में महामहिम से आग्रह होगा कि इसमें हस्तक्षेप करें और संपूर्ण आंकड़े को जारी करने से पहले पंचायत स्तर पर आंकड़ों को दोबारा जाँचा जाए और जो परिवार इससे वंचित रह गया है, उसके विवरण को भी सामाजिक आर्थिक सर्वे का हिस्सा बनाया जाए। एक बात और सामाजिक आर्थिक सर्वे को जारी करने से पहले और कोर्ट में दिए गए हलफनामा के अनुसार किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी को पब्लिक नहीं किया जाना है लेकिन जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने राष्ट्रीय लोक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को जानकारी को लीक किया है तो अपराधी घटना है ।जबकि हमारे नेता कई बार कह चुके हैं कि उनसे किसी ने भी कोई सर्वे नहीं किया गया है। जाहिर है कि जदयू की तरफ से फर्जी आंकड़ा जारी किया गया साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि सर्वे में जुटाई गई जानकारी की गोपनीयता संदिग्ध है ।इन सभी पहलुओं पर मांग को संज्ञान लेने की आग्रह है। धरना स्थल पर प्रदेश नेता बजेंद्र कुमार सिंह पप्पू ,नागेश्वर राय, कमल प्रसाद सिंह, राजकुमार सिंह राजपूत, वरुण पासवान, शैलेंद्र कुमार उर्फ गोनौर सिंह, आशुतोष कुमार लड्डू, उमेश सिंह कुशवाहा , अकील देव सिंह, राकेश सिंह ,प्रो सरोज कुमार उर्फ लाल सिंह सहित सैकड़ो नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
