स्पिरुलिना के 15 फायदे जानकरआप हो जायेंगे हैरान
कोनीबायो स्पिरुलिना के 15 फायदे जानकर आप हो जायेंगे हैरान
हमारे आस-पास कई ऐसी औषधीय गुणों वाली वनस्पति मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल हमारे स्वास्थ्य को कई तरीके से लाभ पहुंचा सकता है। इन्हीं में से एक है, कोनीबायो स्पिरुलिना। यह एक एल्गी यानी पानी में पाई जानी वाली वनस्पति है, जिसका नाम आपके लिए नया हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल सालों से एक कारगर आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता रहा है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको इसी अपरिचित स्पिरुलिना के बारे में बताएंगे। इस लेख में आपको वैज्ञानिक प्रमाण के साथ स्पिरुलिना के फायदे और इससे संबंधित अन्य जरूरी बातों की जानकारी मिलेगी। वहीं, आप स्पिरुलिना खाने के नुकसान और स्पिरुलिना खाने का तरीका भी बेहतर तरीके से इस लेख के जरिए समझ पाएंगे।
आइए पढ़ें विस्तार से
चलिए, पहले जान लेते हैं कि आखिर स्पिरुलिना क्या है? इसके बाद हम स्पिरुलिना के फायदों पर बात करेंगे।
स्पिरुलिना क्या है –
स्पिरुलिना जल में पाई जाने वाली वनस्पति (एल्गी) है। यह ताजे पानी में पायी जाती है। इसे हरी-नीली एल्गी के नाम से भी जाना जाता है। यह अपने पोषक तत्वों और स्वास्थ्य लाभ की वजह से काफी प्रयोग में लाई जाने लगी है। इस नीले-हरे शैवाल में एक तीव्र स्वाद और गंध होती है, जो कई स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकता है (1)। स्पिरुलिना के फायदे के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।
लेख में आगे हम तथ्यों के आधार पर आपको स्पिरुलिना के नुकसान और फायदे के बारे में बताएंगे।
स्पिरुलिना के फायदे –
1. कैंसर से बचाव के लिए स्पिरुलिना पाउडर
स्पिरुलिना में फाइकोसाइनिन (Phycocyanin) नामक यौगिक पाया जाता है। शोध के मुताबिक, यह यौगिक कैंसर के जोखिम को और इससे बचाव में कुछ हद तक मदद कर सकता है (1)। शोध बताते हैं कि स्पिरुलिना शरीर में कीमोप्रिवेंटिव (Chemopreventive – कैंसर से बचाव) प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है.
2. उच्च रक्तचाप करे नियंत्रित
उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी समस्या है, जो हृदय-रोग का कारण बन सकता है। बीपी को कम करने के लिए स्पिरुलिना का उपाय किया जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, स्पिरुलिना में एंटीहाइपरटेंसिव गुण होते हैं, जिसके कारण यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है
3. हृदय के लिए है लाभकारी स्पिरुलिना पाउडर
ऐसे कई शारीरिक विकार हैं जो हृदय रोग का कारण बन सकते हैं, जैसे मोटापा, डायबिटीज और उच्च रक्तचाप। अगर किसी को हृदय रोग से बचना है, तो उसके कारणों को दूर करना जरूरी है। यह स्पिरुलिना पाउडर की मदद से किया जा सकता है। इसमें एंटीहाइपरलिपिडेमिया (लिपिड को कम करने वाले), मोटापा एवं डायबिटीज को नियंत्रित करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकते हैं। वहीं, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचा कर हृदय रोग की आशंका को कम कर सकते हैं
4. मस्तिष्क स्वास्थ्य
स्पिरुलिना के फायदे में मस्तिष्क स्वास्थ्य भी शामिल है। यह दिमाग में Aβ प्रोटीन के संचय को कम कर घटती याददाश्त को रोक सकती है। स्पिरूलिना मस्तिष्क में सूजन को भी कम करने में सहायक माना गयी है। इसलिए, यह पार्किंसंस रोग (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक विकार) के उपचार में भी सहायक हो सकती है। स्पिरूलिना नए न्यूरॉन्स बनाकर न्यूरोनल घनत्व में भी सुधार कर सकती है, जिससे मस्तिष्क स्वास्थ्य बना रह सकता है
5. इम्यून सिस्टम
पोषक तत्वों की कमी की वजह से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यूनिटी में कमी आती है। अध्ययनों के मुताबिक, स्पिरुलिना में मौजूद पोषक तत्व पोषण संबंधी कमियों को दूर कर इम्यूनिटी में सुधार कर सकते हैं। इम्यूनिटी में होने वाले बदलाव की वजह से टी-कोशिकाओं के उत्पादन में होने वाले परिवर्तन को रोकने में स्पिरुलिना सहायक है
6. एनीमिया
एनीमिया का मतलब रक्त में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं में कमी होना है। एनीमिया के कारण लंबे समय तक तक कमजोरी और थकान का एहसास शरीर में रहता है (8)। स्पिरुलिना में मौजूद आयरन और फोलेट की वजह से स्पिरुलिना पाउडर लेने से लाल रक्त कोशिकाओं के हीमोग्लोबिन की मात्रा में बढ़ोत्तरी हो सकती है और इम्यून सिस्टम को मजबूती मिल सकती है
7. पाचन शक्ति बेहतर करे
बात जब पाचन शक्ति बेहतर करने की हो, तो सबसे पहला नाम सामने आता है फाइबर। यह पाचन क्रिया मजबूत बनाते हैं और कब्ज से आराम दिलवा सकते हैं। वहीं, ये पेट में लंबे समय तक भरे रहने का एहसास बनाकर, वजन को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं.
बता दें कि फाइबर से भरपूर होने के कारण, स्पिरुलिना पाउडर का सेवन पाचन शक्ति को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है.
8. इंफ्लेमेशन से बचाव
स्पिरुलिना अपने कई गुणों के लिए जाना जाता है, जैसे इम्यूनोमॉड्यूलेटरी, एंटीऑक्सिडेंट, एंटीकैंसर, एंटीहाइपरलिपिडेमिक और एंटीडायबिटिक गुण। वहीं, इन्ही में से एक एंटी-इन्फ्लामेट्री भी है। दरअसल, इसका मुख्य घटक फाइकोसाइनिन (phycocyanin) है, जो एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है। इसलिए, कहा जा सकता है कि स्पिरुलिना शरीर में इंफ्लेमेशन को रोकने व नियंत्रित करने में एक अहम भूमिका निभा सकती है (12)। स्पिरुलिना में मौजूद एंटी इंफ्लामेशन गुण गठिया के उपचार में भी सहायक हो सकते हैं
9. एचआईवी
स्पिरुलिना के फायदे बताते हुए ऊपर लेख में हम जिक्र कर चुके हैं कि यह इम्यूनिटी को बढ़ा सकती है। ऐसे में ये एचआईवी के मरीज, जिनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर हो गई है, उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने में मदद कर सकती है. साथ ही इसके बढ़ते इंफेक्शन की गति को धीमा भी कर सकती है.
10. आर्सेनिक विषाक्तता से बचाव आर्सेनिक एक ऐसा एलिमेंट है, जो धरती के नीचे, पानी, हवा सब जगह पाया जाता है, लेकिन इसमें न तो गंध होती है और न ही कोई स्वाद.
अगर इसकी मात्रा शरीर में ज्यादा हो जाती है, तो विषाक्तता यानी पॉइजनिंग हो सकती है। यहां स्पिरुलिना शरीर को आर्सेनिक से बचाने में भी मदद कर सकती है। स्पिरुलिना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनिटी प्रभाव आर्सेनिक को शरीर में जमने से रोक सकते हैं
11. कैंडिडा के लिए
स्पिरुलिना के लाभ कई हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व कैंडिडा से भी बचा सकते हैं। दरअसल, कैंडिडा एक फंगस है, जो शरीर के साथ ही लगभग हर जगह मौजूद रहता है। यह इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर संक्रमण की तरह शरीर में फैलने लगता है स्पिरुलिना में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो कैंडिडा होने के खतरे को कम करने में सहायक साबित हो सकते हैं
12. आंखों के लिए उपयोगी
जब आंखों पर अधिक प्रकाश पड़ता है, तो उससे आंखों पर ऑक्सीडेटिव तनाव का प्रभाव पड़ता है, जिससे अंधापन हो सकता है। इससे बचने के लिए स्पिरुलिना का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, स्पिरुलिना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण आंखों को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के बचा सकते हैं और कम होती आंखों की रोशिन के जोखिम से बचा सकते हैं (21)। वहीं, स्पिरुलिना आंखों से जुड़ी बीमारी जैसे मोतियाबिंद और डायबिटीज की वजह से आंखों को होने वाले नुकसान से भी बचाव का काम कर सकती है
13. स्किन एजिंग
स्पिरुलिना में टायरोसिन, विटामिन-ई (टोकोफेरोल) और सेलेनियम होते हैं, ये सभी तत्व चेहरे के एजिंग प्रभावों को कम करने लिए जाने जाते हैं। टायरोसिन त्वचा कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की गति को धीमा कर सकते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा पर झुर्रियों का कारण बनने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म कर सकते हैं (22)। पानी की मदद से स्पिरुलिना पेस्ट को झुर्रियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता हैं।
14. बालों के लिए स्पिरुलिना के फायदे
बालों का बढ़ना एकदम से रुकने की वजह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, फैटी एसिड और आयरन की कमी भी हो सकती है. इसलिए, पोषक तत्वों का खजाना स्पिरुलिना को बालों की ग्रोथ के लिए लाभदायक माना जाता है। इसमें बालों के लिए आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हैं, जिसके कारण यह इन तीनों की कमी को पूरा कर सकती है। इससे झड़ते बालों की समस्या से आराम मिल सकता है.
स्पिरुलिना के फायदे के बाद इस जल वनस्पति से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए पढ़ते रहें यह लेख। हम आपको आगे स्पिरुलिना में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में भी बताएंगे।
स्पिरुलिना के पौष्टिक तत्व –
स्पिरुलिना में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
