लोक आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार से नहाय खाय के साथ आरंभ।
लोक आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार से नहाय खाय के साथ आरंभ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
वैशाली ।हाजीपुर, लोक आस्था का महापर्व छठ का शुभारंभ शुक्रवार के दिन नहाय खाय के साथ हो रही है ।यह पर्व बिहार वासियों के लिए महापवित्र और धार्मिक माना जाता है। इस पर्व के बारे में जानकारी देते हुए ज्योतिषी शोध संस्थान के निदेशक आचार्य पंडित नंदकिशोर झा ने बताया कि छठ व्रत को लेकर इस बार कोई मतभेद नहीं है बनारसी या मिथिला के सभी पंचांग एकमत है। हां, कुछ लोगों के मन में अष्टमी तिथि में परणा एवं प्रातः कालीन अर्घ्य को लेकर शंका जरूर है । निर्णय सिंधु में स्कंद पुराण के मुख्य वाक्य अवश्य मिलते हैं कि पंचमी युक्त षष्ठी व्रत न करके सप्तमी युक्त करें जो 19 नवंबर 2023 रविवार को प्रातः 8:02 तक षष्ठी तिथि है तथा उसके बाद सप्तमी तिथि आ जाती है ।जिसके कारण संध्या कालीन अर्घ्य शास्त्र सम्मत है । यह पर्व षष्ठी प्रधान व्रत है, इसलिए इस पर्व का नाम छठ कहा जाता है। छठ प्रतिहार षष्ठी व्रत सूर्य षष्ठी व्रत कहा जाता है। आचार्य श्री झा के अनुसार 17 नवंबर शुक्रवार को नहाय खाय,18 नवंबर शनिवार को खरना ,19 नवंबर रविवार को सायंकालीन अर्घ्य एवं 20 नवंबर सोमवार को प्रातः कालीन अर्घ्य एवं पारण के साथ यह महापर्व का समापन होगा।
