April 18, 2026

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सुरक्षित शनिवार के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

गोरौल प्रखंड स्थित आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलवरघाट में सुरक्षित शनिवार के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस अवसर पर बिजली से घात,जल जमाव से परेशानियां तथा बोरिंग के गड्ढे से होने वाली घटनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए स्काउट शिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने कहा कि बिजली के किसी स्रोत से संपर्क में आने के कारण त्वचा ,मांसपेशियां अथवा बाल से होकर पर्याप्त विद्युत धारा प्रवाहित हो जाती है तो इसे विद्युत स्पर्शाघात कहते हैं। बिजली का झटका लगने से मौत हो सकती है। छोटे-छोटे मामले तो आए दिन होते रहते हैं परन्तु 25 वोल्ट से ज्यादा का झटका खतरनाक हो सकता है। बिजली गिरने और बिजली की नंगी तारों को छूने से कई मौतें होती रहती है। इससे बचने के लिए सावधानियां बरतनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को शांक के संकेत दिखे तो व्यक्ति को जमीन पर लेटाएं , कोशिश करें कि उसके पैरों को ऊपर उठकर सर को धर से थोड़ा नीचे रखें । अगर व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत आ रही है , बेहोश है ,दौरा पड़ रहा है, मांसपेशियां में दर्द या सुन है या फिर दिल की धड़कन तेज है तो जितना जल्दी हो सके अस्पताल ले जाए और डॉक्टर की सलाह लें । जल जमाव की समस्या भी एक गंभीर समस्या है। जल जमाव की स्थिति में मच्छर उत्पन्न हो जाता है ,जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं।जल जमाव वैसे जगह पर होता है जहां पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं होती है । प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर निर्माण में नाले की व्यवस्था जरूर करनी चाहिए ताकि जल आसानी से निकल जा सके और जल जमाव की स्थिति उत्पन्न न हो । प्राय ऐसा देखा जाता है कि कृषि के क्षेत्र में भी जिस खेत में पानी जमा हो जाता है वहां का फसल पीला पड़ जाता है ,सूखने लगता है । इसलिए खेती करने योग्य भूमि में भी जल जमाव की स्थिति पैदा न हो। जल जमाव से मच्छर उत्पन्न होता है, जिससे डायरिया ,मलेरिया जैसी कई बीमारियां उत्पन्न हो जाती है। आये दिन बोरिंग के गड्ढे भी जानलेवा साबित हो रहे हैं। प्राय: ऐसा देखा जाता है कि जहां बोरिंग कराई जाती है ,बोरिंग के फेल होने के बाद बोरिंग के गड्ढे को भरा नहीं जाता है जिसकी वजह से बच्चे खेलते खेलते उस गड्ढे में गिर जाते हैं और उसकी मौत हो जाती है। इसलिए इन तमाम समस्याओं के समाधान के लिए सजगता जरूरी है।इस अवसर पर बच्चों के बीच अन्य गतिविधियां ,योगाभ्यास भी कराया गया । साथ ही विद्यालय के बाल संसद के सदस्यों ने राहुल कुमार चौधरी के नेतृत्व में कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री अरविंद कुमार शरण ने कहा कि सुरक्षित शनिवार अंतर्गत प्रत्येक शनिवार को नई-नई आपदाओं से संबंधित जानकारियां दी जाती है, जो हमारे लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। आज विद्यालय में शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी भी आयोजित की गई। जिसमें अभिभावकों को प्रत्येक दिन अपने बच्चों को विद्यालय भेजने सहित अन्य जानकारियां भी दी गई। इस अवसर पर नीतू कुमारी ,राकेश कुमार, उमेश कुमार, रामबाबू राम ,सुरभि कुमारी ,राहुल कुमार चौधरी, सरोज कुमार सिंह, पंकज कुमार, मोहम्मद जमालुद्दीन, पूजा रानी, सुषमा कुमारी, अजीत कुमार , पूर्णिमा एवं ऋतुराज उपस्थित रहे।

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