तनाव बढ़ता जा रहा है: ऐतिहासिक मज़ार मामू भांजा को गिरने का प्रयास जारी।
तनाव बढ़ता जा रहा है: ऐतिहासिक मज़ार मामू भांजा को गिरने का प्रयास जारी।
आज दिनांक 21फरवरी24 को ऐतिहासिक मज़ार मांमु-भाँजा ढाहने का प्रयास किया जाता देख इस कदम को स्थानीय सभी समुदाय में तनाव और असुरक्षा की भारी संभावना उत्पन्न हो रही है। लोगों के बीच डर और बेचैनी की माहौल का संघर्ष हो रहा है, जो किसी भी समय दंगा और हिंसा का कारण बन सकता है।
इस विवाद का मुख्य कारण मजार के महत्व और आस्था को लेकर है, जो स्थानीय समुदाय के लिए आधारभूत स्थान के रूप में माना जाता है। इसके अलावा, इस विवाद में स्थानीय राजनीतिक और असमाजिक समाज के बीच गहरे विभाजन की संभावना है।
स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के नेताओं के बीच इस मामले पर गहरी चर्चा और परामर्श जारी है। इस समस्या का समाधान ढंग से निकालने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि सभी पक्षों के बीच सहमति और समझदारी की भावना बनाए रखी जाए।हुआ यूं के यहाँ से सन्तान प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर लगभग 52 बिगहा ज़मीन दान एवं वक़्फ़ राजा सबैत सिंह द्वारा किया गया था, देखरेख करने वाले कर्ता की लापरवाही की वज़ह आज चंद कट्ठों सिमट गई, उसमें से भी कुछ अधर्मी- कानून दान लोग अपनी मनमानी, बर्चसप, ताक़त-बल का प्रयोग कर मज़ार मुखद्वार के दोनों तरफ अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कर रहे हैं यहाँ तक के अब चहारदीवारी ढाहने पर उतारू हैं विरोध करने पर सरकार-ज़िला प्रशासन, कानुन हमारा जैसी धमकियां दी जाने से मज़ार की शहीद-ए-आज़म कमिटी वैशाली के सचिव मो०नसीमअहमद एवं सदस्य गण असहाय महसूस करने लगे, यहाँ हर समुदाय के श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है सबकी नेक मुरादें पूरी होती है।सरकार वो ज़िला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई गई है।
