तीन फाड़ में बंटा महुआ मुखिया संघ ।
तीन फाड़ में बंटा महुआ मुखिया संघ रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
वैशाली !महुआ, एक फिल्म की मशहूर गीत आपने जरूर सुनी होगी ,” एक दिल के टुकड़े हुए हजार ,कुछ इधर गिरा कुछ उधर गिरा ” कहावत चरितार्थ करती हुई महुआ मुखिया संघ की कहानी प्रस्तुत है।वर्ष 2021 में हुई त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव के बाद महुआ प्रखंड में सभी पंचायत के लिए विभिन्न पदों पर चुनाव संपन्न हुए थे । सभी पंचायत से मुखिया निर्वाचित होकर एक संगठन कायम किया था ,उस समय मुखिया संघ का नेतृत्व मधौल पंचायत के मुखिया जवाहर राय के हाथों में सोपा गया था । उस वक्त से ही कुछ मुखिया असंतुष्ट चल रहे थे, जो अपना गुट बनाकर प्रखंड में कार्य किया करते थे ।इसके बावजूद भी प्रखंड अध्यक्ष जवाहर राय के नेतृत्व में अधिक मुखिया ने अपने विश्वास जताया था । अधिकांश मुखिया गण का आरोप है कि जवाहर राय अपने कार्य को सही ढंग से नहीं निभा सके। हद तो तब हो गई जब वर्तमान प्रखंड अध्यक्ष जवाहर राय न तो इस्तीफा दिया और नहीं उन्हें सूचना देकर हटाया ही गया और अलग एक मुखिया संघ का गठन कर लिया गया ।बताते चले की महुआ के मंगरू चौक स्थित शाही दरबार में असंतुष्ट मुखिया समूह की बैठक संपन्न हुई, जिसमें जलालपुर गंगटी पंचायत के मुखिया अमोद कुमार राय को अध्यक्ष तो ओस्ती हरपुर पंचायत के मुखिया रेखा चौधरी एवं समसपुरा पंचायत के मुखिया सहेंद्र सहनी को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया ।जब पत्रकारों ने मुखिया संघ की नई गठन का ब्रेकिंग चलाया, तब वर्तमान अध्यक्ष को पता चला कि मेरे रहते हुए भी नया संगठन बनकर तैयार हो गया ।जिससे कुछ मुखिया ने नाराजगी व्यक्त भी की और कुछ ने खुशी ।वही पहले से असंतुष्ट चल रहे एक गुट ने किनारा किया ।इससे साफ हो गया कि महुआ मुखिया संघ तीन खेमो में बट चुका है ।एक गुट का नेतृत्व आमोद राय कर रहे हैं तो दूसरे गुटका नेतृत्व जवाहर राय वहीं तीसरा गुट तथस्ट बना हुआ है। पता नहीं मुखिया संघ का निर्माण जनता के हित के लिए की गई थी या फिर अपनी अपनी राजनीति में शक्ति प्रदर्शन करने के लिए।इस तीन खेमों में बंटा मुखिया संघ जनता के हित में कितना कार्य करेगी, यह तो आने वाले समय में ही पता चल सकेगा।
