मधु उत्पादन का प्रमाण पत्र पाकर किसान हुए गदगद किसानों को मधु उत्पादन में क्रांति लाने के लिए दी गई प्रशिक्षण
मधु उत्पादन का प्रमाण पत्र पाकर किसान हुए गदगद
किसानों को मधु उत्पादन में क्रांति लाने के लिए दी गई प्रशिक्षण
महुआ। रेणु सिंह
स्थानीय मिर्जानगर स्थित मधु शोध संस्थान पर मधु उत्पादकों का चल रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण समाप्त हो गया। प्रशिक्षण समापन के मौके पर प्रशिक्षकों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र पाकर किसान खुशी से खिल उठे।
यहां तीन दिनों तक चले मधु उत्पादन प्रशिक्षण में किसानों को विभिन्न जानकारी दी गई। प्रखंड उद्यान पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि यहां तीन दिनों तक चले मधु उत्पादन की प्रशिक्षण में किसानों को टेक्निकल से लेकर उसके रखरखाव, उत्पादन की क्षमता में वृद्धि, अच्छी प्रजाति के मधुमक्खी पालन करने, बाजार में उचित कीमत प्राप्त करने सहित विभिन्न जानकारी दी गई। प्रमाण पत्र वितरण के मौके पर आत्मा के उप परियोजना निदेशक रमन कुमार ने मधु उत्पादकों को विभिन्न जानकारियां दी। उन्होंने मधु उत्पादन में बेहतरी के लिए विभिन्न सुझाव दिए। यहां प्रखंड उद्यान पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 75 महिला और पुरुष किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें अनुसूचित जाति के 40 प्रशिक्षु शामिल थे। इस मौके पर मधु शोध संस्थान के अशोक कुमार मेहता, शर्मिला कुमारी, तकनीकी प्रबंधक कृष्ण कुमार, संजय कुमार, अनिल कुमार आदि उपस्थित थे। इधर प्रशिक्षण लेने वाले किसानों ने बताया कि उन्हें मधु उत्पादन में क्रांति लाने के लिए विभिन्न जानकारियां दी गई है। जिससे उन्हें कई फायदे मिलेंगे। मधु उत्पादन में बेहतरी करने के लिए उन्हें बताया गया।
