फ़्रैंच स्टाफ़ और इलाक़े के अधिकारी पटना सदर की मिली भगत।
फ़्रैंच स्टाफ़ और इलाक़े के अधिकारी पटना सदर की मिली भगत।
प्रभाव नहीं भारी पशु कर्मचारीरा फ़्रैंच स्टाफ़ और इलाक़े के अधिकारी पटना सदर की मिली भगत। म सिंह एबं अमूर्त सहायक अजय कुमार के पास के अवकाश में केश को रिजेक्ट कर दिया गया और क्षेत्रीय सहायक पटना सदर को पता भी नहीं हो।

पटना:; एक बार की तारीख की रिपोर्ट के बाद भी मुकदमा संख्या: 4501 R27/2023-2024 पटना सदर विक्रेता: अश्विनी कुमार, कुमार आलोक, पिता: नंद किशोर प्रसाद हैं। जिसका प्रभाव नूतन राजधानी, मौजा: पुरंदरपुर, जमाबंदी संख्या: 1537, भाग बर्तमान: 19, पृष्ठ संख्या: 1753, मौजा थाना: 7/27, खाता संख्या: 10 है। पुरालेख कर्मचारी पशु राम सिंह द्वारा चित्रित किया गया है कि आपके सपनों का कारण: अवेदित भूमि का जमाबंदी विक्रेता के नाम से रशीद या पंजाबी 2 का प्रतीक संगलन नहीं है। जबकि ऑफ़लाइन करते समय ही डेड ग्राउंड का पेपर जमाबंदी 2 का पेपर, आधार क्रेता बाइक दोनों का पेपर ऑनलाइन किया जाता है। ऐसा अनोखा होता है कि लाइट नहीं हेवी स्टाफ एनिमलराम सिंह एबं मैकेनिकल सहायक अजय कुमार के द्वारा पैसे के अभाव में केश को रिजेक्ट कर दिया जाता है जब सारा प्लांट्स के अवशेष के बाबजूद भी रिजेक्ट या पेंडिंग हो जाता है तो अला अधिकारी का प्रोजेक्ट क्यों पेंडिंग हो सकता है। क्या उच्च अधिकारी के द्वारा अवर अभियंता अजय की जांच की जा रही है ऐसा क्यों नहीं जमीन पर ऐसे मामले में काउंटर पर भीड़ नहीं लगाई कर अपने साइबर कैफे या फिर लॉग के माध्यम से सूत्र से बात होती है जो पैसे या रूपीए देते होंगे तो स्टाफ से मिलकर पास कर दिया जाएगा। इस तरह के कार्य में शामिल होने वाले कर्मचारियों में से किसी एक को भी शामिल कर लिया जाएगा। पास में भीड़ क्यों रहती है और एक वेतन रद्द कर दिया गया है।
