April 25, 2026

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पटना पालीगंज बुनकरों का बुरा हाल सियासी गलियारों में कोई पुछने वाला नहीं/ शब्बीर अहमद

पटना पालीगंज बुनकरों का बुरा हाल सियासी गलियारों में कोई पुछने वाला नहीं/ शब्बीर अहमद
नसीम रब्बानी
आदिल शाहपुरी

वैशाली पटना पाली गंज में सिगोड़ी गांव में राज्य बिहार में सबसे ज्यादा बुनकरों की आबादी है मगर पालीगंज विधानसभा में कोई एक भी सियासी रहनुमा नहीं बुनकरों के मसाएल कैसे हल होंगे यह महत्वपूर्ण बात है ज्ञात हो कि पार्लियामेंट का चुनाव भी खत्म हो और रिजल्ट आने के बाद केंद्र में भाजपा की बैसाखी के सहारे साकार भी बन गई।चारो तरफ खुशियां मनाने वाले बुनकरों के हिस्से में कुछ भी नहीं आया, और सबसे बूरा ये हुआ कि बूरी तरह बुनकर तबका यहां तक के पूरे मुल्क से एक भी बुनकर पार्लियामेंट में नहीं जा सका।अब सवाल ये उठता है कि हमारे समाज में बुनकरों का मसाएल को किस तरह से हल किया जाए और हल कौन करेगा? मसले पर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश प्रवक्ता शब्बीर आलम ने कहा कि अभी भी बुनकरों के अंदर शेयसी बेदारी जहनी तौर पर कमजोर है और शेयसत का जज्बा बिल्कुल नहीं है, और जहनी तौर पर भक्ति, बदनसीबी, और बदकिस्मती में मुंबतला ही कहा जा सकता है।फिर भी ऐसी हालात होते हुए भी इस पर किसी को कोई नजर भी नहीं है और अपनी बर्बादी का भी फिकर नहीं है, बस अपनी शेयसी पार्टियों को मजबूत करने में लगे है। जबकि इन शेयसी पार्टियों ने अपने चुनाव में या किसी पार्टी के चुनावी स्टेज पर कोई किसी मुस्लिम बुनकरों का जिक्र तक नहीं किया जाता है।इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शेयसी पार्टियों ने बुनकरों के साथ सवतेलापन ब्यवहार की जाता है। शब्बीर आलम ने कहा कि हर समाज हर तबके से एक हमारे समाज से रहनुमा पैदा हो। मैं नाम नहीं लूंगा हमारे समाज से भी दो चार लोग उस जगह पर पहुंचे मगर अपनी अपनी रोटी सेकने का काम किया और आज ऐसा हो गया कि वह बिल्कुल समाज से अलग हो गए आज उनको कोई पूछने वाला भी नहीं है, हमारा बुनकर समाज मेहनत मोस्क्कत करके वहां पहुंचा भी देता है तो कोई फायदा नही पहुंचता,यही वजह है की इस समाज का कोई आज तक रहनुमा नहीं है। इसलिए जागो बुनकरों जागो नहीं तो कोई पूछने वाला नहीं होगा।

 

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