लोकतंत्र के इतिहास में काला दिवस के रूप में दर्ज 25 जून कभी न भूलने वाला दिवस है
हाजीपुर। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला दिवस के रूप में दर्ज 25 जून कभी न भूलने वाला दिवस है। भाजपा बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह ने बयान जारी कर कहा कि 25 जून 1975 को जय प्रकाश नारायण ने भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को इस्तीफा देने तक देश भर में प्रतिदिन प्रदर्शन करने का आह्वान किया था।जय प्रकाश नारायण के घोषणा से डर कर कांग्रेस की सरकार ने आनन-फानन में राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद से अध्यादेश पारित करा आधीरात में देश को 21 महीने की आपातकाल के दंश में ढकेल दिया था। स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे विवादास्पद काल जिसमें भारत को जेलखाना बनाकर संविधान की धज्जियां उड़ाई गई थी। लोकतंत्र को समाप्त कर दिया गया था भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को मानने वाले लोग, संविधान को मानने वाली भारत की नई पीढ़ी कभी भी आपातकाल को भूलना नहीं चाहेगी एवं संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कांग्रेसी गठबंधन को समय समय पर सबक सिखाती रहेगी ।
