नहीं रहे प्रख्यात कथावाचक पंडित कुशेश्वर चौधरी,क्षेत्र में शोक की लहर ।
नहीं रहे प्रख्यात कथावाचक पंडित कुशेश्वर चौधरी,क्षेत्र में शोक की लहर ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
महुआ (वैशाली) जिले के प्रख्यात मानस मर्मग,भागवत कथावाचक महुआ प्रखंड के समसपुरा पंचायत के मोहनपुर धनराज ( खिराचक ) निवासी 85 वर्षीय पंडित कुशेश्वर चौधरी का निधन मंगलवार की रात हो गई । निधन की सूचना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। बताते चले कि पंडित कुशेश्वर चौधरी विगत कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे ।जिनका इलाज पटना स्थित एम्स में चल रहा था लेकिन अचानक दो दिन पूर्व उनकी तबीयत और बिगड़ गई और उन्होंने मंगलवार की रात में संसार को अलविदा कर दिया । वे दो पुत्र ,पुत्री एवं पौत्र, पौत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़कर संसार से विदा हुए ।इनके बड़े पुत्र शिक्षा विभाग तथा छोटे पुत्र रेलवे में कार्यरत हैं। जबकि पौत्र मुरारी चौधरी स्थानीय दैनिक समाचार पत्र “आज” में महुआ के संवाददाता है। पंडित चौधरी की कथा बिहार के विभिन्न जिलों सहित हिंदी प्रदेशों में बड़े ही भावपूर्ण से लोग सुना करते थे ।इनके कथा में मैथिली तथा बज्जिका का सम्मिश्रण सुनने को मिलता था। जब भी मानस की कथा एवम मिथिला का प्रसंग भक्त जनों के बीच में प्रस्तुत करते थे तो श्रोता भाव विभोर होकर सुनते रह जाते थे ।दिवंगत कुशेश्वर चौधरी की निधन से जो शून्यता हुई है ,वह वैशाली जिले में पूर्ण होना संभव दिखाई नहीं दे रहा है ।बिहार के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले महायज्ञ में कथा प्रवचन करने वालों में अग्रिम पंक्ति में इनका नाम हुआ करता था। उनके निधन से क्षेत्र के सभी वर्ग किसानों, मजदूरों, विद्वानों ,धर्म प्रेमियों , सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ,संगीतज्ञों ,मीडियाकर्मियों ने संवेदना व्यक्त करते हुए इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है ।उनके निधन पर उनके अंतिम दर्शनार्थ बड़ी संख्या में इनके शुभचिंतको अंतिम दर्शन कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी ।ऐसे महान शख्सियत का हम लोगों के बीच से जाना बड़ा ही दुखदाई प्रतीत होता है। समस्त मीडिया जगत की ओर से पंडित कुशेश्वर चौधरी जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते है।
