भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सोमवती अमावस्या पड़ रही है. शास्त्रों में सोमवती अमावस्या का खास महत्व बताया गया है:- ठाकुर अरुण कुमार सिंह
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सोमवती अमावस्या पड़ रही है. शास्त्रों में सोमवती अमावस्या का खास महत्व बताया गया है:- ठाकुर अरुण कुमार सिंह
रिपोर्ट:- नसीम रब्बानी/रोहित कुमार
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि इस बार सोमवार के दिन पड़ रही है. इसलिए इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जानेंगे. बता दें कि सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है. शास्त्रों में इस दिन का खास महत्व है. हिंदू शास्त्र के अनुसार अमावस्या तिथि पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान आदि करने का खास महत्व बताया गया है. शास्त्रों के अनुसार ये साल की दूसरी सोमवती अमावस्या है. इस दिन किए गए कुछ उपाय और पूजा पाठ पितरों की आत्मा को शांति दिलाती है. पितरों के आशीर्वाद से व्यक्ति को जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती के साथ चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन कुछ उपाय करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन रुठे पितरों को मनाकर उनकी आशीर्वाद पाया जा सकता है. अमावस्या तिथि पर बेल के पेड़ के नीचे बैठकर स्नान करें और भगवान शिव का महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. इसके साथ ही, भगवान शिव की अभिषेक करें. इस उपाय को करने से व्यक्ति को आरोग्य की प्राप्ति होती है. साथ ही, आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन पितरों को प्रसन्न और तृप्त करने के लिए पांच तरह की मिठाई ले लें. इन्हें एक पीपल के पत्ते पर रखें. इसके बाद इन मिठाई को पीपल के पेड़ पर जाकर अर्पित करें और हाथ जोड़कर पितरों से प्रार्थना करें. आखिर में इस प्रसाद को वहीं लोगों में वितरित कर दें. सोमवती अमावस्या के दिन एक पीपल का पौधा लें और उसे कहीं सुनसान जगह पर लगा दें. संभव हो तो एक साल तक इस पौधे की सेवा करें. ऐसा करने से व्यक्ति की कुंडली में बना नवग्रह दोष भी दूर होता है. वहीं, अगर संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है, तो उससे भी छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाय बेहद कारगार है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या तिथि के दिन कन्याओं और 5 ब्राह्मणों को खीर का भोग लगाएं. ऐसा करने से आपको धन प्राप्ति के योग बनते हैं. साथ ही, आर्थिक समस्याओं से भी जल्द छुटकारा मिलता है. करें सूर्य पुराण का पाठ बता दें कि सोमवती अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लगने के कारण सूर्य पुराण का पाठ करना विशेष लाभदायी रहता है. इस उपाय को करने से पितृदोष से मुक्ति मिलेगी. वहीं, सरकारी क्षेत्र से संबंधित कार्यों में सफलता की प्राप्ति होगी. वहीं, अगर कार्यस्थल पर मनमुटाव चल रहा है, तो वह भी समाप्त हो जाएगा.