महायज्ञ को लेकर 1151 कलशधारी महिलाओं सहित सैकड़ो श्रद्धालुओं ने किया नगर भ्रमण
महायज्ञ को लेकर 1151 कलशधारी महिलाओं सहित सैकड़ो श्रद्धालुओं ने किया नगर भ्रमण
माथे पर गंगाजल से भरा कलश लेकर 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए श्रद्धालु पहुंचे यज्ञ स्थल, महुआ के तरौरा में 9 दिनों तक चलने वाली यज्ञ को लेकर भक्ति चढ़ी परवाण
महुआ। रेणु सिंह
प्रखंड की तरौरा में नौ दिनों तक चलने वाले श्री विष्णु महायज्ञ मदभागवत कथा को लेकर शुक्रवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में 1151 महिलाओं ने माथे पर गंगाजल से भरा कलश लेकर नगर भ्रमण किया और 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यज्ञ स्थल पहुंची। जहां कलश को विधिवत स्थापित किया गया।
शोभायात्रा यज्ञ स्थल तरौरा पोखर काली मंदिर से निकलकर 5 किलोमीटर की रास्ता तय कर महुआ पातेपुर के रास्ते यहां नगर बाजार से गांधी स्मारक, बच्चन शर्मा स्मारक से गोला रोड होते हुए कालीघाट पहुंची। यहां मुख्य यजमान में अरविंद सिंह व उनकी पत्नी, अनिल सिंह व उनकी पत्नी के साथ अन्य श्रद्धालुओं ने मंत्रो जाप कर कलश में पहलेजा घाम से मंगाए गए पवित्र गंगाजल को भरा। यहां से पुनः श्रद्धालु लोगों में आपसी प्रेम, अपनत्व, भाईचारा, एकता व सहिष्णुता का संदेश देते इसी रास्ते देवी देवताओं के जयघोष करते हुए यज्ञ स्थल पहुंचे। जहां कलश को विधिवत स्थापित किया गया। कलश यात्रियों के साथ काफी संख्या में अन्य श्रद्धालु उनकी सुरक्षा की कमान थामे चल रहे थे। वहीं आगे आगे हाथी, घोड़े, बैंड, आर्केस्ट्रा ट्राली गाते चल रहे थे। कलश यात्रियों की सेवा में जगह-जगह लोग लगे थे। रास्ते में कहीं उन्हें ठंडा जल, नींबू पानी, शरबत, चाय, बिस्कुट दिया जा रहा था तो कहीं पुष्प की वर्षा की जा रही थी। यज्ञ को लेकर तरौरा और आसपास का इलाका भक्ति में सराबोर हो चला है। शनिवार को अग्नि प्रज्वलित के साथ विधिवत यज्ञ का शुभारंभ हो जाएगा। यज्ञ में ग्रामीण और आसपास के लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। यहां ग्रामीण के अलावा आसपास के श्रद्धालु यज्ञ में श्रमदान दे रहे हैं।
श्री राम विवाह पंचमी पर निकाली झांकी और विवाह कीर्तन का हुआ आयोजन
महुआ। रेणु सिंह
यहां बिरना गांव में चल रहे नौ दिवसीय महा अष्टयाम यज्ञ का समापन राम विवाह पंचमी पर शुक्रवार को विधिवत हो गया। यज्ञ की समापन पर भगवान की भव्य झांकी निकाली गई और रात में विवाह कीर्तन का आयोजन किया गया। जहां श्री राम विवाह पंचमी पर राम विवाह प्रसंग संकीर्तन मंडली द्वारा संगीतमय रूप में झांकी पूर्वक सुनाया गया। यहां यज्ञ देवता की महाआरती की गई।
यज्ञ में हरे कृष्णा हरे राम गौरीशंकर सीताराम का संगीतमय जाप गूंजता रहा। यहां अनिल कुमार चौधरी, सुनील चौधरी, अमोद कुमार, लक्ष्मी देवी, रानी देवी, राजकुमारी, उषा देवी, अनीता देवी, किरण देवी, सोनम देवी, पूजा कुमारी, राहुल आदि का भरपूर सहयोग यज्ञ में मिलता रहा। नौ दिनों तक चल अखंड संगीत में राम धुन के साथ रामायण पाठ होता रहा। बताया गया कि यज्ञ का आयोजन लोगों में आपसी प्रेम, सद्भाव, एकता, अपनत्व, भाईचारा और सहिष्णुता कायम रखने के लिए किया गया। विवाह कीर्तन दरभंगा से आए जगन्नाथ व्यास द्वारा कराया गया। उन्होंने संगीत में झांकी पूर्वक राम विवाह प्रसंग में सीता विदाई को सुनाया तो उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। पूजन करा रहे रमेश झा व अन्य पुरोहितों ने बताया कि यज्ञ से लोगों में भाईचारा के साथ समाज में अपनत्व टाइम होने के साथ विश्व कल्याण होता है। इधर राम विवाह पंचमी को लेकर मठ मंदिरों में पूजन के लिए भीड़ रही।
