दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में की गई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली ओम प्रकाश सिंह के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली तत्वावधान में लीगल सर्विसेज यूनिट फॉर चिल्ड्रन एवं लीगल सर्विस यूनिट फॉर मेंटल हेल्थ के टीम के सदस्यों की दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली श्रीमती रितु कुमारी, अवकाश प्राप्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री गंगा प्रसाद, बाल संरक्षण पदाधिकारी श्री अमूल्य कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सतीश कुमार दिवाकर एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के निदेशक सह स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सुधीर कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उपस्थित पैरा लीगल स्वयंसेवकों एवं पैनल अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए अवर न्यायाधीश ने कहा कि हम सभी को पूरी जिम्मेवारी के साथ बच्चों के हित में कार्य करना है। बच्चों को उनके अधिकारों को दिलाना है। कोई भी बच्चा शोषित और पीड़ित ना हो इसका पूरा ख्याल रखना है। कार्यक्रम में कमेटी के सदस्य अवकाश प्राप्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गंगा प्रसाद ने कहा कि बच्चों के लिए अलग से कानून बनाए गए हैं तथा भारतीय संविधान में भी बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। हम सभी का दायित्व है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें तथा उनके कानूनी हक उन्हें दिलाए। इस अवसर पर बाल संरक्षण पदाधिकारी अमूल्य कुमार, मेडिकल अफसर सतीश कुमार दिवाकर, कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सुधीर कुमार शुक्ला ने विस्तार पूर्वक बच्चों के लिए बने कानून एवं मानसिक रोग से संबंधित लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बुधवार को किया गया। ट्रेनिंग के दौरान लोगों को श्रम कानून, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पोक्सो एक्ट समेत बच्चों के लिए बने तमाम तरह के कानून के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।
