यज्ञ मंडप की 108 बार परिक्रमा से सारे तीर्थ भ्रमण का मिलता है फल
यज्ञ में सारे देवी देवताओं का होता है बास, महुआ के फुलवरिया पश्चिम में चल रहे हैं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए उमड़ रही भीड़
महुआ। रेणु सिंह
यज्ञ मंडप में सभी देवी देवताओं का बास होता है। जिससे यज्ञ मंडप की 108 बार परिक्रमा करने से शारीरिक लाभ तो मिलते ही है, वही सारे तीर्थो के परिभ्रमण का फल प्राप्त होता है। यह बातें सोमवार को यहां फुलवरिया पश्चिम काली स्थान पर चल रहे संगीतमर श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संतों ने कहीं। उन्होंने कहा कि यज्ञ में सभी देवी देवताओं को वेद मंत्र से आह्वान कर बुलाया जाता है। जिससे एक मंडप की परिक्रमा से सारे तीर्थ घूमने का सौभाग्य मिलता है। यहां सोमवार को फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी होने के कारण यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही महिला श्रद्धालु पूजन के साथ यज्ञ मंडप की परिक्रमा में जुट गई। यहां दिनभर परिक्रमा के लिए होड़ मची रही। यज्ञ में श्रद्धालुओं की अपार भी हो रही है बड़ा सा मेला भी लगा है। जिसमें विभिन्न सामानों की दुकाने, झूले, सर्कस, खेल तमाशे लगे हैं। ग्रामीणों का यज्ञ में भरपूर योगदान हो रहा है। फोटो: महुआ 01- महुआ के फुलवरिया पश्चिम काली स्थान पर यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते श्रद्धालु।
नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के नारे से गूंजा फुलवरिया गांव श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी देख भक्ति से अभिभूत हुए श्रद्धालु महुआ। रेणु सिंह प्रखंड की फुलवरिया पश्चिम काली स्थान पर चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में चौथे दिन सोमवार को कथा वाचक अयोध्या से आए छोटे बापू जी महाराज के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव कराया गया। इस मौके पर बधाइयां और सोहर गीतों से स्थल गूंज उठा। वही नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की की नारे से स्थल गुंजामान हो चला। भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव झांकी पूर्वक दिखाया गया। जिस पर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए और उनकी आरती उतारी। वही कथावाचक के साथ श्रद्धालुओं ने मंगलगान गाकर स्थल को भावमय बना दिया। इस कथा ज्ञान यज्ञ में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गांव की सभी बेटियां ससुराल से मायके पहुंची है। सगे संबंधियों का भी यज्ञ में पहुंचना हो रहा है।