May 3, 2026

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पूर्व मध्य रेल पर राजभाषा हिंदी से संबंधित समीक्षा बैठक का आयोजन

पूर्व मध्य रेल पर राजभाषा हिंदी से संबंधित समीक्षा बैठक का आयोजन

हाजीपुर- पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय/हाजीपुर द्वारा क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 83वीं बैठक श्री छत्रसाल सिंह, महाप्रबंधक की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए से सिंह ने कहा कि रेलवे बोर्ड द्वारा पूर्व मध्य रेल को रेल मंत्री राजभाषा शिल्ड प्रथम पुरस्कार तथा इस रेल के पूर्व प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री अमित अग्रवाल को रेल मंत्री राजभाषा रजत पदक प्रदान किया गया इस अवसर पर महाप्रबंधक ने रेलवे बोर्ड व्यक्तिगत नगर पुरस्कार के प्रमाण पत्र का भी वितरण किया. इस उपलब्धि के लिए राजभाषा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बहुत-बहुत बधाई.

आप सभी इस तथ्य से अवगत होंगे कि पूर्व मध्य रेल पूर्णत: हिंदी भाषी क्षेत्र के अंतर्गत आता है और हम सभी हिंदी भाषा की जानकारी रखते हैं. इसके बावजूद राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अगर आदेश और निर्देश दिए जाएँ तो आप सभी सहमत होंगे, यह स्थिति सुखद नहीं है. हमें अपनी ही भाषा में कामकाज करने के लिए विशेष प्रयत्न की आवश्यकता क्यों पड़ती है ? इस बैठक में मैं आप सभी को इस विचारणीय पहलू की तरफ ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ. मात्र प्रेरणा से ही कार्य सिद्धि नहीं होती, मात्र पुरस्कार से ही राजभाषा को उसका उचित स्थान प्राप्त नहीं हो सकता, जब तक कि हम सभी प्रेमपूर्वक अपने कर्तव्यों का संपादन नहीं करेंगे. उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी का ध्यान आकृष्ट किया जिनपर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है :-

1. सभी सदस्य धारा 3(3) का अनुपालन सुनिश्चित करें.
2. सभी अधिकारी प्रतिदिन एक डिक्टेशन हिंदी में अवश्य दें.
3. दौरा कार्यक्रम हिंदी में ही प्रस्तुत करें.
4. फाइलों पर अधिक से अधिक टिप्पणियाँ हिंदी में लिखने का प्रयास करें.
5. सभी अधिकारी निरीक्षण करते समय राजभाषा प्रगति संबंधी निरीक्षण भी करें.

इस अवसर पर राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कार्मिक विभाग को महाप्रबंधक द्वारा अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान किया गया. इसे बी.के.सिंह, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी ने प्राप्त किया. महाप्रबंधक महोदय द्वारा राजभाषा बुलेटिन “पूर्व मध्य रेल दर्पण” के अंक-7 का भी लोकार्पण किया गया. उल्लेखनीय है कि यह बैठक दिसंबर-2024 को समाप्त तिमाही की समीक्षा करने के लिए आयोजित थी. राजभाषा प्रयोग-प्रसार के इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पूर्व मध्य रेल के मंडलों, कारखानों आदि के उच्च अधिकारी उपस्थित थे, उन्होंने अपने विभागों, मंडलों आदि में राजभाषा के प्रचार-प्रसार की स्थिति के संबंध में समिति को सूचित किया. दिसंबर-2024 को समाप्त तिमाही के दौरान हिंदी में सर्वाधिक कार्य करने वाले श्री राजीव कुमार, सचिव प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक, भंडार विभाग, पूमरे/हाजीपुर व श्री देवाशीष सन्याल, वरि. अनुभाग अधिकारी, लेखा विभाग, पूमरे/हाजीपुर को महाप्रबंधक महोदय द्वारा नकद पुरस्कार व प्रशस्ति-पत्र दिया गया.

श्री अमरेन्द्र कुमार, अपर महाप्रबंधक ने अपने वक्तव्य में कहा कि क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की इस बैठक में हम दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के दौरान राजभाषा के प्रयोग-प्रसार का जायजा लेंगे एवं उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ कहीं भी कोई कमी है उसे दूर करने का हरसंभव प्रयास करेंगे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आपसी समन्वय व सहयोग से ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं और हमारा दायित्व है कि संघ की राजभाषा नीति के अनुरूप धारा 3 (3) के अंतर्गत आने वाले सभी दस्तावेजों हिंदी/अंग्रेजी द्विभाषी रूप में जारी किये जाएं. मूल पत्राचार में भी हिंदी का शत-प्रतिशत प्रयोग सुनिश्चित किया जाए. हिंदी निरंतर समृद्ध हो रही है और उसका दायरा भी विस्तृत हो रहा है. हमें प्रसन्नता है कि पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय/हाजीपुर के सम्मिलित प्रयास से हम राजभाषा के प्रचार-प्रसार में निरंतर अग्रसर रहेंगे.

श्री विजय कुमार, मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय रेल जिस प्रकार देश की जीवन-रेखा है और इस विशाल देश को भौगोलिक रूप से जोड़ती है उसी प्रकार राजभाषा हिंदी भारतीय जनमानस को एक सूत्र में पिरोती है. पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में स्थित है इसलिए यहां अधिकांश कार्य स्वारभाविक रूप से हिंदी में ही होना चाहिए. आवश्य कता है दृढ़ इच्छा शक्ति की.
हमारे देश में तमाम प्रतिकूलताओं के मध्या राजभाषा हिंदी प्रगति पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है. हम प्राय: भाषा के महत्वश को कम करके आंकते हैं, परंतु हमें यह समझना चाहिए कि भाषा में किसी राष्र््र की परंपरा और उसकी संस्कृ्ति साकार होती है. अगर हमें अपनी परंपरा और संस्कृहति को बचाते हुए उसे समृद्ध करना है तो सर्वप्रथम हमें अपनी भाषा को समृद्ध करना होगा और यह तभी संभव होगा जब हम कामकाज की भाषा के रूप में हिंदी को उसका उचित स्था न प्रदान करेंगे . बैठक का संचालन उप मुख्य राजभाषा अधिकारी सह उप विसमुलेधि (सामान्य) श्री संतोष कुमार गुप्ता तथा श्री अनिल कुमार शर्मा, राजभाषा अधिकारी ने दिसंबर-2024 को समाप्त तिमाही की समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया.

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